
Google Chrome Security Alert: अगर आपके कंप्यूटर में Google Chrome है और आप उसे अपडेट किए बिना लंबे समय से चला रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यानी CERT-In ने डेस्कटॉप Chrome में कई सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी जारी की है। इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने, मनमाना कोड चलाने या सिस्टम की सेवाओं को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसे मामलों में सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि यूजर को किसी खास तौर पर तैयार किए गए वेबपेज या लिंक को खोलने के लिए फंसाया जा सकता है। इसलिए Chrome को अपडेट रखना सिर्फ नए फीचर्स के लिए नहीं, बल्कि कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।
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CERT-In की Chrome से जुड़ी सुरक्षा चेतावनियों में अलग-अलग कंपोनेंट्स में कई तरह की कमजोरियों का जिक्र किया गया है। इनमें V8, Blink, Extensions, HTML और TabStrip जैसे हिस्से शामिल हैं।
कुछ खामियां Use-after-free जैसी मेमोरी सुरक्षा समस्याओं से जुड़ी हैं। इनका फायदा उठाकर हमलावर प्रभावित सिस्टम पर मनमाना कोड चलाने या संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकता है। CERT-In ने ऐसी कमजोरियों को लेकर पहले भी Chrome के डेस्कटॉप वर्जन के लिए हाई और क्रिटिकल-सीवेरिटी अलर्ट जारी किए हैं।
Google के Chrome रिलीज नोट्स के मुताबिक, Chrome 151 के डेस्कटॉप अपडेट में बड़ी संख्या में सुरक्षा सुधार शामिल किए गए हैं। 29 जुलाई के Stable Channel अपडेट में Windows और Mac के लिए 151.0.7922.71/.72 और Linux के लिए 151.0.7922.71 रिलीज किया गया था।
यह सुरक्षा चिंता खास तौर पर डेस्कटॉप Chrome इस्तेमाल करने वाले Windows, macOS और Linux यूजर्स से जुड़ी है। पुराने ब्राउजर वर्जन पर बने रहना जोखिम बढ़ा सकता है।
संभावित हमले में यूजर को किसी दुर्भावनापूर्ण लिंक, वेबसाइट या विशेष रूप से तैयार किए गए वेब रिक्वेस्ट को खोलने के लिए उकसाया जा सकता है। सफल हमला होने पर सिस्टम से संवेदनशील जानकारी चोरी होने, सुरक्षा प्रतिबंधों को बायपास करने या सिस्टम की सेवाओं को बाधित करने का खतरा हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर पुराने Chrome यूजर का सिस्टम संक्रमित हो चुका है। लेकिन सुरक्षा अपडेट उपलब्ध होने के बाद पुराने वर्जन पर बने रहना अनावश्यक जोखिम जरूर पैदा करता है।
Chrome अपडेट करना काफी आसान है। इसके लिए:
Chrome के आधिकारिक रिलीज अपडेट्स में भी नए Stable Channel बिल्ड के साथ सुरक्षा सुधार जारी किए जाते हैं।
Chrome अपडेट करने के साथ संदिग्ध लिंक और अनजान वेबसाइटों से सावधान रहना भी जरूरी है। खास तौर पर ऐसे लिंक पर क्लिक करने से बचें जो अचानक ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए मिले हों। अगर कंप्यूटर में बैंकिंग, ईमेल, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल होता है, तो ब्राउजर को नवीनतम उपलब्ध वर्जन पर रखना और अनजान वेबसाइटों से दूरी बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
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नोट: CERT-In की चेतावनियों में बताए गए जोखिम संभावित सुरक्षा प्रभावों को दर्शाते हैं; किसी विशेष यूजर के सिस्टम पर हमला हुआ है, यह इससे अपने आप साबित नहीं होता।
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