
टेक डेस्क। ट्रांसलेशन सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एक स्टार्टअप कंपनी अनबेबल ने Widn.AI पेश किया है। यह पूरी तरह से AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) द्वारा संचालित नया ऐप है। CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के सीईओ वास्को पेड्रो ने दावा किया है कि आने वाले तीन साल में मशीन ट्रांसलेशन के मामले में इंसानों की जगह ले लेगी। आने वाले समय में अनुवाद करने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं होगी।
Widn.AI͏ अनबेबल के बड़े भाषा मॉडल (LLM) पर बनाया गया है। इसे टावर कहा जाता है। यह एडवांस AI सिस्टम इंसान की तरह लिखी गई बात समझ सकता है और इसे दूसरी भाषा में लिख सकता है। टॉवर 32 से विभिन्न भाषाओं में इंसान की सहायता के बिना अनुवाद किया जा सकता है।
अनबेबल की स्थापना एक दशक पहले हुई थी। उस समय AI तकनीक इतनी एडवांस नहीं थी कि वह स्वतंत्र रूप से अनुवाद कर सके। कंपनी ने सटीकता सुनिश्चित करने के लिए शुरुआत में मशीन लर्निंग को मानव संपादकों के साथ जोड़ा। अब अनबेबल का मानना है कि AI उस मुकाम तक पहुंच चुका है जहां बिना इंसानी मदद के अधिकांश अनुवाद कर सके। सिर्फ सबसे जटिल मामलों में इंसानी मदद की जरूरत होगी।
अनुवाद के क्षेत्र में Widn.AI͏͏ को Google͏͏ Translate͏͏ और जर्मन स्टार्टअप DeepL से कॉम्पिटिशन करना है। ये कंपनियां भी विभिन्न भाषाओं में अनुवाद सेवाएं देने के लिए बड़े भाषा मॉडल का इस्तेमाल करती हैं। अनबेबल की कोशिश पूरी तरह से AI आधारित सेवा देकर खुद को अलग पेश करने की है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे उसे मार्केट का बड़ा शेयर मिलेगा। AI फीचर के चलते अनुवाद कराने की लागत कम होगी। अनबैबल का अनुमान है कि अनुवाद की आवश्यकता वाली सामग्री की कुल मात्रा में वृद्धि से इसकी भरपाई हो जाएगी। कंपनी Widn.AI के विकास और विस्तार के लिए धन जुटाने को 20 मिलियन से 50 मिलियन डॉलर (लगभग 166-415 करोड़ रुपए) जुटाने का प्रयास कर रही है।
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