
लाखों-करोड़ों एंड्रॉयड फोन पर नेक्रो मालवेयर का खतरा मंडरा रहा है। मॉडिफाइड गेम्स और ऐप्स के ज़रिए ये वायरस तेज़ी से फैल रहा है। करीब 1.1 करोड़ से ज़्यादा एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स इसकी चपेट में आ चुके हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी कैस्पर्सकी ने गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद मॉडिफाइड ऐप्स में नेक्रो लोडर मालवेयर का नया वर्जन ढूंढा है।
माइनक्राफ्ट, स्पॉटिफाई, व्हाट्सएप जैसे पॉपुलर ऐप्स के नाम पर बने मॉडिफाइड ऐप्स के ज़रिए नेक्रो ट्रोजन मालवेयर फैल रहा है। बैंकक्यू का 'वुटा कैमरा' (Wuta Camera), मैक्स ब्राउज़र, जैसे ऐप्स भी इसमें शामिल हैं। हालांकि वुटा कैमरा से ये मालवेयर हटा दिया गया है, लेकिन मैक्स ब्राउज़र में अभी भी ये मौजूद है, ऐसा कैस्पर्सकी का कहना है। असली ऐप्स की नकल करके बनाए गए ऐप्स को मॉडिफाइड ऐप्स कहते हैं। असली ऐप्स के मुकाबले इनमें कई एक्स्ट्रा फीचर्स होते हैं। असली ऐप्स के पेड फीचर्स इस्तेमाल नहीं कर पाने वाले लोग अक्सर ऐसे मॉडिफाइड ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। नेक्रो ट्रोजन इन्हीं एक्स्ट्रा फीचर्स के बहाने आपके फोन में घुसपैठ करता है। गूगल ने बताया है कि गूगल प्ले स्टोर से मालवेयर वाले ऐप्स हटा दिए गए हैं।
एक बार इंस्टॉल हो गया तो नेक्रो ट्रोजन अपने दूसरे खतरनाक प्लगइन्स आपके फोन में डाल देगा। ये प्लगइन्स आपको पता भी नहीं चलेगा और आपके फोन में काम करने लगेंगे। गूगल प्ले स्टोर के अलावा किसी और ऐप स्टोर या फिर एपीके फाइल से ऐप्स इंस्टॉल करते समय आपको बहुत ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
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