
पिछले कुछ सालों में भारतीयों के निवेश करने के तरीकों में काफी बदलाव आया है। फिजिकल एसेट्स और ट्रेडिशनल ब्रोकर्स पर काफी ज्यादा निर्भर रहने के बजाय देश ने डिजिटल इन्वेस्टमेंट में काफी ऊंची छलांग लगाई है। आज, लाखों लोग सामान खरीदने, बेचने और अपने इन्वेस्टमेंट को ट्रैक करने के लिए स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह बदलाव सिर्फ सुविधा को लेकर नहीं है, बल्कि ये निवेशकों के बदलते व्यवहार, तेजी से बढ़ती फाइनेंशियल अवेयरनेस और डिजिटल ईको-सिस्टम में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आइए जानतें हैं कि सोने और शेयरों में मोबाइल-बेस्ड इन्वेस्टमेंट भारतीयों की नई पीढ़ी के लिए पसंदीदा रास्ता क्यों बन रहा है?
भारत में मोबाइल इंटरनेट की पहुंच डिजिटल फाइनेंस को अनलॉक करने में महत्वपूर्ण रही है। 60 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स और सस्ती डेटा दरों के साथ निवेश प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल गई है। फाइनेंशियल ऐप अब लोकल भाषाओं में बड़े पैमाने पर उपलब्ध हैं, जिससे उनकी अपील और बढ़ गई है।
ये मोबाइल-फर्स्ट इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंशियल एडवाइजर्स के बिना भी
सभी क्षेत्र के लोगों को इन्वेस्टमेंट में पार्टिसिपेट करने की परमिशन देता है। ये ऐप्स ज्यादा सरल, स्पीड के साथ और लिमिटेड बैंडविड्थ वाले बजट स्मार्टफ़ोन पर भी काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
सदियों से, सोने को भारतीय घरों में धन और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता रहा है। फिजिकल गोल्ड की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन मॉर्डर्न निवेशकों के बीच डिजिटल गोल्ड की पॉपुलैरिटी भी बढ़ती जा रही है। ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग ऐप के साथ यूजर्स अब 10 रुपए से भी कम में 24 कैरेट शुद्ध सोने को रियलटाइम में खरीद सकते हैं, इसकी कीमतों को ट्रैक कर सकते हैं और इसे भुना या फिर बेच भी सकते हैं।
डिजिटल गोल्ड ऑफ़र:
ये मॉडल सोने की इमोशनल और फाइनेंशियल वैल्यू को बनाए रखने के साथ ही इसे टेक-सेवी इन्वेस्टर्स और युवाओं के लिए व्यावहारिक बनाता है।
सोने के साथ-साथ इक्विटीज ने भी काफी पॉपुलैरिटी हासिल की है, खास तौर पर पहली बार इन्वेस्टमेंट करने वाले इन्वेस्टर्स के बीच। जीरो-ब्रोकरेज प्लेटफ़ॉर्म और यूजर फ्रेंडली टूल के आने के बाद अब बहुत से लोग ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के ज़रिए निवेश करना पसंद करते हैं। ये प्लेटफ़ॉर्म कहीं से भी निवेश के अवसरों का पता लगाने, रिसर्च करने और उन पर काम करन को आसान बनाते हैं।
रिटेल निवेशकों को आकर्षित करने वाली चीजें
शेयरों में निवेश करना अब सिर्फ़ फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग इलीट क्लास तक सीमित नहीं रह गया है। मोबाइल ऐप इसे किसी भी अन्य ऑनलाइन लेनदेन की तरह आम बना रहे हैं।
मिलेनियल और जेन जेड इन्वेस्टर्स मोबाइल बेस्ड इन्वेस्टिक के विकास में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। वे अपने पैसे को स्वतंत्र रूप से मैनेज करना पसंद करते हैं और अपने पोर्टफोलियो पर पूरा कंट्रोल चाहते हैं। उनके लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म न सिर्फ़ एक टूल से कहीं ज़्यादा हैं, बल्कि वे उनके जीने, काम करने और सोचने के तरीके का विस्तार हैं।
इस तरह की सुविधाएं मौजूद
ये ऐप युवा निवेशकों को व्यस्त और इंगेज्ड रखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
मोबाइल ट्रेडिंग ऐप्स की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक ये है कि उन्होंने किस तरह वित्तीय सेवाओं तक अपनी पहुंच को बढ़ाया है। पहले, केवल बड़े शहरों में रहने वाले या मजबूत फाइनेंशियल बैकग्राउंड वाले लोग ही आसानी से निवेश कर सकते थे। आज, स्मार्टफोन और बैंक अकाउंट वाला कोई भी व्यक्ति डीमैट खाता खोल सकता है, डिजिटल गोल्ड खरीद सकता है या शेयरों की ट्रेडिंग कर सकता है।
कई ऐप्स दे रहे ये सुविधाएं
भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में यह इन्क्लूजन बहुत जरूरी है। इससे लाखों लोगों को औपचारिक वित्तीय दायरे में लाने में मदद मिलती है।
इन्वेस्टर तेजी से डायवर्सिफिकेशन के फायदों को समझ रहे हैं। गोल्ड और इक्विटी अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। एक तरफ सोना जहां आर्थिक अनिश्चितता के दौरान स्थिर और लचीला होता है, वहीं इक्विटी (शेयर) लॉन्गटर्म में हायर ग्रोथ देती है। दोनों सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस का बैलेंस देते हैं।
मोबाइल ऐप गोल्ड और शेयरों की खरीद के कॉम्बिनेशन को आसान बनाते हैं। यूजर्स सोने की खरीद को ऑटोमैटिक कर सकते हैं, स्टॉक SIP में निवेश कर सकते हैं और एक ही इंटरफ़ेस के भीतर दोनों पोर्टफोलियो को ट्रैक कर सकते हैं। कुछ प्लेटफ़ॉर्म पोर्टफोलियो हेल्थ रिपोर्ट भी देते हैं, जो सोने और इक्विटी के अनुपात को दिखाते हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करने का सुझाव देते हैं।
कोविड-19 महामारी ने डिजिटल में बदलाव को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिजिकल ब्रांचों के बंद होने और अस्थिरता बढ़ने के साथ निवेशकों ने एक्सेसेबिलिटी और रियलटाइम एक्शन के लिए मोबाइल ऐप का रुख किया। तबसे ही इसके इस्तेमाल में उछाल जारी है। इसने फाइनेंशियल जागरुकता को बढ़ाने में एक पहल के तौर पर काम किया है।
पैंडेमिक सॉल्यूशन के रूप में शुरू हुआ मोबाइल ऐप अब लाखों लोगों के लिए एक स्थायी आदत बन गया है।
इतने सारे प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध होने के कारण सही ऐप चुनना आपके निवेश की सफलता पर असर डाल सकता है। ऐसे में सही ऐप का चुनाव बहुत मायने रखता है।
चाहे वह ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग ऐप हो या ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप, इस बात को इंश्योर करें कि यह आपके लक्ष्यों और कम्फर्ट लेवल से मैच करते हों।
जैसे-जैसे फिनटेक परिदृश्य मैच्योर होता है, हम मोबाइल ट्रेडिंग में और भी अधिक इनोवेशन की उम्मीद कर सकते हैं। इनमें कुछ रुझान इस प्रकार हैं।
ये विकास हमारी इन्वेस्टमेंट जर्नी को और ज्यादा पर्सनलाइज करेंगे। साथ ही वेल्थ क्रिएशन को और ज्यादा आसान बनाएंगे।
मोबाइल-बेस्ड इन्वेस्टमेंट में उछाल टेक ट्रेंड से कहीं ज्यादा आगे बल्कि एक सांस्कृतिक बदलाव को दर्शाता है। भारतीय अपने वित्तीय जीवन पर अब पहले से कहीं ज्यादा कंट्रोल रख रहे हैं और वे इसे अपने फोन से कर रहे हैं। चाहे भविष्य की सुरक्षा के लिए सोना जमा करना हो या लॉन्गटर्म के लिए स्टॉक पोर्टफोलियो बनाना हो, टूल आपकी जेब में ही मौजूद हैं। एक भरोसेमंद ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप की मदद से इन्वेस्टमेंट करना अब बाद का काम नहीं रह गया है। ये कुछ ऐसा है, जिसे आप आज ही एक बार में, एक टैप करके शुरू कर सकते हैं।
टेक समाचार: In depth coverage of tech news (टेक न्यूज़) in Hindi covering tech gadget launches, price & specification & LIVE updates at Asianet News