सद्गुरू के नए मेडिटेशन ऐप ने ChatGPT को पछाड़ा, सिर्फ 15 घंटों में 10 लाख से ज्यादा डाउनलोड

Published : Mar 05, 2025, 01:15 PM ISTUpdated : Mar 05, 2025, 01:19 PM IST
sadhguru Jaggi Vasudev came to support Chennai super kings

सार

सद्गुरु जग्गी वासुदेव के नए मेडिटेशन ऐप 'मिरेकल ऑफ माइंड' ने लॉन्च के 15 घंटों में 1 मिलियन डाउनलोड पार कर ChatGPT को पीछे छोड़ दिया है। ये ऐप 20 देशों में ट्रेंड कर रहा है और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद मददगार है।

Sadhguru Jaggi Vasudev New Meditation App: सद्गुरु जग्गी वासुदेव के नए मेडिटेश ऐप 'मिरेकल ऑफ माइंड' ने चैटजीपीटी को पीछे छोड़ दिया है। सिर्फ 15 घंटों में इस ऐप ने 1 मिलियन डाउनलोड को पार कर लिया है, जबकि चैटजीपीटी को इस मुकाम तक पहुंचने में 4 दिन लगे थे। बता दें कि 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि के दिन लॉन्च किया गया ये मेडिटेशन ऐप अपनी सादगी और प्रभावशीलता के चलते वायरल सेंसेशन बन चुका है।

'मिरेकल ऑफ माइंड' ऐप इन 20 देशों में पहले से कर रहा ट्रेंड

सद्गुरु जग्गी वासुदेव का मेडिटेशन ऐप 'मिरेकल ऑफ माइंड' भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी सहित दुनियाभर के 20 देशों में पहले से ही ट्रेंड कर रहा है। ऐप के 7 मिनट के गाइडेड मेडिटेशन ने दुनिया भर के यूजर्स का दिल जीत लिया है। दिलचस्प बात ये है कि ऐप में एक AI-पावर्ड टूल है, जो सद्गुरु के व्यापक संग्रह से व्यक्तिगत ज्ञान और अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

अंतर्मन को पहचानने में करेगा मदद

चैटजीपीटी जहां जिंदगी से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करता है, वहीं मिरेकल ऑफ माइंड अपने भीतर झांकने और अंतर्मन से स्पष्टता पाने के बारे में है। सद्गुरू के मुताबिक, ये ऐप ग्लोबल मेंटल हेल्थ क्राइसिस को एड्रेस करने में अहम रोल निभाएगा, क्योंकि ये लोगों के मन के भीतर चल रहे सवालों का जवाब खोजने के लिए एक अंदरूनी पहुंच प्रदान करता है। माना जा रहा है कि 2050 तक दुनिया की लगभग 30-33% आबादी मानसिक रूप से बीमार होगी। ऐसे में मिरेकल ऑफ माइंड ऐप लोगों को सिखाएगा कि मन के भीतर पहुंच कैसे इस बीमारी को दूर किया जा सकता है।

OYO के सीईओ ने की मिरेकल ऑफ माइंड ऐप की तारीफ

OYO के सीईओ रितेश अग्रवाल और कई अन्य उद्यमियों ने मानसिक स्पष्टता और उत्पादकता में सुधार करके बिजी प्रोफेशनल्स के लिए भी ध्यान को सुलभ बनाने के कारण मिरेकल ऑफ माइंड ऐप की प्रशंसा की है। सिर्फ भारत में ही करीब 6 से 7 करोड़ लोग मेंटल डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं, जिसके चलते देश में दुनिया भर में सबसे ज़्यादा आत्महत्याए होती हैं। इस ऐप में मेडिटेशन के अलावा कई तरह के विषय हैं, जो इसे एक व्यापक स्वास्थ्य उपकरण बनाते हैं।यह फ्री ऐप अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, रूसी और स्पेनिश जैसी कई भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच दुनियाभर के तमाम लोगों तक है। 

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