
Tech News: कई मामलों में मेमोरी कार्ड के संबंध में हमने 'हैश वैल्यू' (Hash Value) शब्द सुना है। हैश वैल्यू मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा का डिजिटल फिंगरप्रिंट (Digital Fingerprint) होती है। इसलिए, अगर मेमोरी कार्ड के डेटा में ज़रा सा भी बदलाव होता है, तो हैश वैल्यू पूरी तरह से बदल जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि हैश वैल्यू क्या है।
1. यह जांचने के लिए कि डेटा खराब तो नहीं हुआ (जैसे कार्ड कॉपी करते समय कोई एरर तो नहीं आया)।
2. यह पता लगाने के लिए कि डेटा के साथ कोई छेड़छाड़ (tampering) हुई है या नहीं – जैसे सीसीटीवी, डैशकैम, बॉडी कैम और फॉरेंसिक जांच में।
3. अदालतों में सबूत के तौर पर स्वीकार करने के लिए। अगर हैश वैल्यू मैच हो जाती है, तो यह साबित होता है कि डेटा असली है।
4. सुरक्षित डिवाइस में – जैसे एटीएम, पीओएस मशीनें और स्मार्ट कार्ड।
मेमोरी कार्ड में फ़ाइल की हैश वैल्यू: ABC123
कंप्यूटर में कॉपी करने के बाद हैश वैल्यू: ABC123
✔️ डेटा में कोई बदलाव नहीं
• अगर हैश वैल्यू बदल जाती है
❌ तो डेटा करप्ट या बदला हुआ है।
MD5– तेज़, लेकिन सुरक्षा कम
SHA-1– पुराना
SHA-256– मज़बूत और आजकल सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला।
संक्षेप में, हैश वैल्यू एक सुरक्षा कोड है जिसका उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि मेमोरी कार्ड में डेटा बदला नहीं गया है।
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