
भारत में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 18 साल का होना ज़रूरी है। अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाता है, तो गाड़ी के मालिक या बच्चे के माता-पिता को जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। जब कानून का सख्ती से पालन होता है, तभी ऐसे मामले कम होते हैं। लापरवाही बरतने पर कानून तोड़ने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हाल ही में, ऐसे ही एक मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक 10 साल का बच्चा रात में नैनो कार से बेकरी पहुंचा, सामान खरीदा और चला गया।
आपको शायद दस साल के बच्चे के सड़क पर साइकिल चलाने को लेकर चिंता हो, खासकर भीड़-भाड़ वाली सड़क पर। लेकिन सोचिए, उस उम्र में जब बच्चा ठीक से स्टीयरिंग तक नहीं पहुंच सकता, वो शहर में कार लेकर निकल जाए तो? यह वीडियो कहां का है, यह साफ नहीं है, लेकिन इसे कई इंस्टाग्राम हैंडल्स पर शेयर किया गया है।
बच्चा एक बेकरी से कुछ सामान खरीदने आया था। उस वक्त बेकरी में मौजूद किसी ने बच्चे से बात की। दोनों की बातचीत सुनकर हर कोई हैरान रह गया। बच्चे ने दुकान में मौजूद लोगों को बताया कि उसका नाम सैयद अरफाद है और वह कार चलाकर आया है। उसने यह भी बताया कि उसकी उम्र 10 साल है और वह पहली क्लास में पढ़ता है। इसके बाद, बच्चा बेकरी से निकला और सड़क के दूसरी तरफ खड़ी नैनो कार में बैठकर चला गया।
यह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोगों ने चिंता जताई। कुछ लोगों ने लिखा कि हो सकता है बच्चा रात में अपने माता-पिता को बताए बिना गाड़ी ले आया हो। वहीं, कई लोगों ने इतनी कम उम्र में बिना लाइसेंस के कार चलाने की इजाजत देने के लिए बच्चे के माता-पिता को गिरफ्तार करने की मांग की। बहुत से लोगों ने लिखा कि अगर कानून का सख्ती से पालन होता, तो कोई भी अपने बच्चे को गाड़ी देने की हिम्मत नहीं करता।
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