
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए गए लोगों के अंतिम संस्कार से पहले जिंदा होने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। अब ऐसी ही एक घटना ब्राजील में घटी है। 8 महीने की कियारा क्रिस्लेन नाम की बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। दुखी माता-पिता बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। बच्ची को ताबूत में लिटाया भी जा चुका था। तभी बच्ची ने ताबूत के पास खड़े व्यक्ति की उंगली पकड़ ली। इससे माता-पिता को पता चला कि बच्ची अभी भी जिंदा है।
तुरंत माता-पिता बच्ची को ताबूत से निकालकर अस्पताल ले गए। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्ची की फिर से मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे फिर से मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार सदमे में है। बच्ची ने जब पास खड़े व्यक्ति का हाथ पकड़ा था, तो परिवार को लगा कि वह बच जाएगी। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार सदमे में है।
बच्ची के पिता क्रिस्टिनो सैंटोस ने कहा, "हम पहले से ही सदमे में थे, तभी हमें थोड़ी सी उम्मीद जगी थी। लेकिन फिर ऐसा हो गया।" बच्ची को वायरल इंफेक्शन हुआ था। इसलिए परिवार उसे अस्पताल ले गया था। पहली बार में डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया था क्योंकि उसकी साँसें नहीं चल रही थीं और दिल की धड़कन भी बंद हो गई थी। लेकिन जब उसके शरीर में फिर से हलचल दिखाई दी, तो डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं पाई। इस घटना के बाद ब्राजील की स्पेशलिस्ट साइंटिफिक पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग की है।
कुछ दिन पहले ही अमेरिका के केंटकी में ब्रेन डेड घोषित एक व्यक्ति अचानक जाग गया था। ब्रेन डेड व्यक्ति को लगभग मृत माना जाता है, इसलिए अस्पताल ने उसके अंगदान का फैसला किया था। उसके परिवार की सहमति भी ले ली गई थी। लेकिन जब 36 वर्षीय युवक का दिल निकालने के लिए ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी, तभी उसे होश आ गया। इस घटना ने मेडिकल जगत को हैरान कर दिया। इस युवक को ड्रग ओवरडोज के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था।
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