
नई दिल्ली. कोविड -19 के डर से आंध्र प्रदेश के कुरनूल के वड्डगेरी इलाके में चार लोगों के एक परिवार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घर का मुखिया प्रताप एक टीवी मैकेनिक था। उसका बेटा जयंत हाई स्कूल में था और बेटी ऋषिता सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। बुधवार की सुबह जब घर से कोई नहीं निकला तो पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस को खबर दी।
मृतकों की पहचान प्रताप (42), उनकी पत्नी हेमलता (36), बेटा जयंत (17) और बेटी ऋषिता (14) के रूप में हुई है। पुलिस को चारों का शव फर्श पर मिला।
सुसाइड नोट से पता चली आत्महत्या की वजह
पुलिस को घर से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था, हम रोज सुनते हैं कि दोस्तों और रिश्तेदारों को कोरोना हो गया है। यह सुनकर हम सोचते हैं कि कहीं हम संक्रमित हो गए तो क्या होगा? संक्रमण का सोच-सोचकर हम बहुत तनाव में हैं। परिवार परेशान था कि कहीं वे भी कोरोना वायरस से संक्रमित न हो जाए। रिपोर्ट दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
कोरोना से डरे नहीं, डटकर सामना करें
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर खत्म हो चुकी है। इस दौरान पीएम मोदी से लेकर कई कोरोना एक्सपर्ट्स ने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। ये औरों की तरह से एक आम बीमारी है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क के साथ ही घर से बाहर निकले। संक्रमण का कोई लक्षण दिखता है तो तुरन्त अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
उज्जैन में वैक्सीन लगवाने में मिलेगी सैलरी
कोरोना वैक्सीन का एक मामला मध्य प्रदेश के उज्जैन से आया है। यहां वैक्सीन का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि अगर सरकारी कर्मचारियों को वैक्सीन नहीं लगाई गई तो उन्हें अगले महीने की सैलरी नहीं मिलेगी। जिला अधिकारी ने बताया कि जुलाई महीने के कर्मचारियों की सैलरी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाने पर ही दिया जाएगा।
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