
भुवनेश्वर. ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले का एक पुलिसकर्मी अपनी 85 वर्षीय मां का अंतिम संस्कार करने वापस ड्यूटी पर आ गया और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में जुट गया। पुलिसकर्मी का काम कलंदी बेहरा है वे मार्शघई में तैनात हैं। यह उस वक्त भी इसी थाने पर तैनात थे, जब ओडिशा में साल 2019 फानी और 2020 में चक्रवात अम्फान आया था। तब उन्होंने तूफान से हुए नुकसान को देखा था। चक्रवात यास पर भी कलंदी बेहरा लोगों की मदद कर रहे हैं।
दिल का दौरा पड़ने से मां का निधन
बेहरा की मां का पिछले हफ्ते दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसके बाद जाजपुर में अपने पैतृक गांव बिंझारपुर में अपनी मां का अंतिम संस्कार किया, फिर उसी शाम काम पर वापस जाने के लिए मार्शाघई लौट आए।
बेहरा ने बताया, ऐसी आशंका थी कि चक्रवात यास की वजह से पांच पंचायतों के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। ये इलाके तेरागांव, गडारामिता, पाटलिपंका, अमीपाल और तिखीरी थे। बाढ़ से पहले ही उन्हें दूसरी जगहों पर लेना जाना बहुत जरूरी था।
यास की वजह से भारी नुकसान हुआ
बेहरा ने कहा, यास के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूट गए। मैंने निचले इलाके में रहने वालों की मदद की। मां का अंतिम संस्कार करने के बाद लोगों की मदद में जुट गया।
2100 लोगों को बाढ़ से बचाया गया
बेहरा ने अन्य पुलिस अधिकारियों की मदद से निचले इलाकों में रहने वाले कम से कम 2,100 लोगों की मदद की। उन्हें दूसरी जगहों पर पहुंचाया।
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