
एरिजोना: सोशल मीडिया पर "डस्टिंग" चैलेंज करने के बाद एक युवती की मौत हो गई। अमेरिका के एरिजोना राज्य की रहने वाली 19 साल की इस लड़की ने इस खतरनाक चैलेंज को करने की कोशिश की थी। अपनी बेटी की मौत से दुखी माता-पिता अब दूसरो को इसके प्रति आगाह कर रहे हैं। रेनी ओरोर्क नाम की इस लड़की की मौत "डस्टिंग" या "क्रोमिंग" नाम के वायरल सोशल मीडिया चैलेंज को करने के बाद हुई। इस ट्रेंड में लोग नशे जैसा अहसास पाने के लिए एरोसोल गैस, अक्सर कीबोर्ड क्लीनिंग स्प्रे, सूंघते हैं और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालते हैं।
रेनी के माता-पिता ने स्थानीय ब्रॉडकास्ट टेलीविजन नेटवर्क, एजेड फैमिलियो को बताया कि वीडियो बनाने के लिए जहरीली गैस सूंघने के बाद रेनी को दिल का दौरा पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। लगभग एक हफ्ते तक बेहोशी की हालत में रहने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है।
रेनी के पिता, आरोन ओरोर्क ने बताया कि उनकी बेटी हमेशा फेमस होना चाहती थी। वो अक्सर कहती थी, "पापा, मैं वायरल हो जाउंगी। देखना।" दुर्भाग्य से, ऐसा गलत तरीके से हुआ। रेनी की माँ, दाना ने बताया कि इस चैलेंज में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ आसानी से मिल जाता है। इसे खरीदने के लिए आईडी की जरूरत नहीं होती, और इसमें कोई गंध भी नहीं होती। बच्चे इसे आसानी से खरीद सकते हैं और माता-पिता को शक भी नहीं होगा। अपनी बेटी की मौत के बाद, दोनों इस खतरनाक ट्रेंड के बारे में जागरूकता फैलाने में जुट गए हैं।
डस्टिंग चैलेंज क्या है?
"डस्टिंग चैलेंज", जिसे "क्रोमिंग" भी कहा जाता है, एक खतरनाक सोशल मीडिया ट्रेंड है। इसमें लोग नशे जैसा अहसास पाने के लिए एरोसोल गैस सूंघते हैं। खासतौर पर, कंप्यूटर कीबोर्ड साफ करने वाले स्प्रे या दूसरे एरोसोल उत्पादों की गैस सीधे सूंघी जाती है।
यह बहुत खतरनाक है, क्योंकि इन गैसों को सूंघने से दिमाग और दिल को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है, यहाँ तक कि दिल का दौरा पड़ने या दिमाग काम करना बंद कर देने से मौत भी हो सकती है। सोशल मीडिया पर व्यूज और अटेंशन पाने के लिए कई लोग इस तरह के चैलेंज करते हैं। लेकिन, यह जानलेवा हो सकता है।
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