कर्ज से परेशान बस मालिक ने कहा- 45 रुपए प्रति किलो की दर से बेचना चाहता हूं बसें, इच्छुक खरीदार संपर्क करें

Published : Feb 12, 2022, 03:08 PM IST
कर्ज से परेशान बस मालिक ने कहा- 45 रुपए प्रति किलो की दर से बेचना चाहता हूं बसें, इच्छुक खरीदार संपर्क करें

सार

केरल में टूरिस्ट बस ऑपरेटर्स की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। कोरोना महामारी की वजह से कारोबार काफी प्रभावित हुआ, जिससे बस ऑपरेटर्स कर्ज के दलदल में धंसते जा रहे हैं।  

नई दिल्ली। 
'टूरिस्ट बस फॉर सेल- 45 रुपए प्रति किलो' केरल के कोच्चि जिले के बस ऑपरेटर अपनी बस को 45 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव से बेचना चाहता है। एर्नाकुलम में रॉय टूरिज्म के मालिक रॉयसन जोसेफ ने कांट्रेक्ट कैरिज ऑपरेटर्स एसोसिएशन केरल के टूरिस्ट बस मालिकों के संघ को फेसबुक पोस्ट में यह जानकारी साझा की है। उन्होंने एसोसिएशन को बताया कि वह अपनी बसों को 45 रुपए प्रति किलो के स्क्रैप रेट पर बेचना चाहता है। 

रॉयसन ने यह जानकारी उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट में साझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य में टूरिस्ट बस इंडस्ट्री की खराब हालत के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और उनके सामने मरने जैसी स्थिति हो गई है। कोरोना महामारी की वजह से उनका कारोबार काफी प्रभावित हुआ, जिसके बाद पिछले साल उन्होंने अपनी 20 में से 10 बसें बेच दी थीं। 

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'बसों को कबाड़ में बेचना अब जरूरी है, पेमेंट नहीं कर पा रहे'
रॉयसन जोसेफ ने एशियानेट न्यूज (Asianet News) से बात करते हुए कहा, अब जीना मुश्किल हो गया है। हम फाइनेंसरों और कर्जदाताओं का भुगतान नहीं कर पा रहे। आज जो हालात हैं और मैं जो करने जा रहा हूं वह सिर्फ मेरी आवाज नहीं है बल्कि मेरे जैसे कई लोग ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरे पास तत्काल अपनी 3 बसों को कबाड़ के तौर पर बेचने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि मैं अपने कर्जों का भुगतान नहीं कर पा रहा हूं। 

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सरकार ने वादा नहीं निभाया, बैंकों ने भी राहत नहीं दी 
उन्होंने कहा कि बस को चलाने के लिए 40 हजार रुपए टैक्स और 75 हजार रुपए इंश्योरेंस का भुगतान करना पड़ता है। कर्मचारियों का वेतन और बस के मेंटनेंस तथा दूसरे खर्चों के बाद अब जीवित रहना मुश्किल हो गया है। सरकार ने बस मालिकों की मदद करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैंकों की तरफ से भी कोई राहत नहीं दी गई है। 

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