2020 का पहला शनि प्रदोष 7 मार्च को, शनि के अशुभ असर से बचने के लिए करें उपाय

Published : Mar 06, 2020, 04:14 PM IST
2020 का पहला शनि प्रदोष 7 मार्च को, शनि के अशुभ असर से बचने के लिए करें उपाय

सार

हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो बार त्रयोदशी तिथि आती है। इस तिथि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत किया जाता है। इस बार 7 मार्च, शनिवार को शनि प्रदोष का योग बन रहा है।

उज्जैन. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो बार त्रयोदशी तिथि आती है। इस तिथि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत किया जाता है। इस बार 7 मार्च, शनिवार को शनि प्रदोष का योग बन रहा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में इस समय शनि की साढेसाती या ढय्या का प्रभाव है, वे यदि इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय करें तो उनकी परेशानियां कुछ कम हो सकती हैं।

इन पर है शनि की साढेसाती और ढय्या
वर्तमान में शनि मकर राशि में है। इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि का साढ़ेसाती का प्रभाव है। वहीं मिथुन और तुला राशि ढय्या से पीड़ित है। अन्य लोग भी शनि प्रदोष का फायदा उठाकर शनिदेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान करने का भी विशेष महत्व है। इससे भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

1. शनिवार को शनिदेव का अभिषेक सरसों के तेल से करें। साथ ही नीले फूल और काला वस्त्र चढ़ाएं।
2. पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 7 परिक्रमा करें।
3. काले कुत्ते या काली गाय को रोटी खिलाएं।
4. जरूरतमंद व्यक्ति को जूते या चप्पल का दान करें।
5. कुष्ठ रोगियों को तेल से बना भोजन जैसे पूरी, भजिए आदि का दान करें।
6. गरीबों को काली चीजों जैसे छाता, कंबल आदि का दान करें।
7. शनि प्रदोष के शुभ योग में किसी शनि मंदिर में जाकर काले तिल और काली उड़द की दाल चढ़ाएं।

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