दिवाली से पहले Dhanteras का क्या है महत्व? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

दिवाली से पहले Dhanteras का क्या है महत्व? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Published : Oct 21, 2022, 10:35 AM IST

त्रियोदशी के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस तिथि को भगवान धन्वंतरि का प्रकटोत्सव के रूप में भी मनाता हैं। आइये जानते हैं कैसे करें भगवान धन्वंतरि की पूजा? और क्या है धनतेरस?

वीडियो डेस्क। (dhanteras shubh muhurat and pooja vidhi) कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदिशी तिथि को धनतेरस (dhanters 2022) का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से निरोगी जीवन मिलता है। इस बार ये पर्व 22 अक्टूबर की शाम से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक रहेगा। तिथियों के घटने बढ़ने से ऐसा हुआ है। आज के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इस तिथि को भगवान धन्वंतरि का प्रकटोत्सव के रूप में भी मनाता हैं। आइये जानते हैं कैसे करें भगवान धन्वंतरि की पूजा?

कैसे करें भगवान धन्वंतरि की पूजा?
सबसे पहले नहाकर धोकर साफ वस्त्र पहनें। भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र साफ स्थान पर स्थापित करें तथा स्वयं पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। उसके बाद भगवान धन्वंतरि का आह्वान इस मंत्र से करें-

सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं,अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य।
गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।।

इसके बाद पूजा स्थल पर आसन देने की भावना से चावल चढ़ाएं। आचमन के लिए जल छोड़ें। भगवान धन्वंतरि के चित्र पर गंध, अबीर, गुलाल पुष्प, रोली, आदि चढ़ाएं। चांदी के बर्तन में खीर का भोग लगाएं। (अगर चांदी का बर्तन न हो तो अन्य किसी बर्तन में भी भोग लगा सकते हैं।)
इसके बाद पुन: आचमन के लिए जल छोड़ें। मुख शुद्धि के लिए पान, लौंग, सुपारी चढ़ाएं। भगवान धन्वंतरि को वस्त्र (मौली) अर्पण करें। शंखपुष्पी, तुलसी, ब्राह्मी आदि पूजनीय औषधियां भी भगवान धन्वंतरि को अर्पित करें। रोग नाश की कामना के लिए इस मंत्र का जाप करें-

ऊं रं रूद्र रोग नाशाय धनवंतर्ये फट्।।

इसके बाद भगवान धन्वंतरि को श्रीफल व दक्षिणा चढ़ाएं। पूजा के अंत में कर्पूर और दीपक जलाकर आरती करें।

22 अक्टूबर को पूजा के शुभ मुहूर्त
दीपदान और पूजा का मुहूर्त
रात 08.06 से 09.30 तक 

धनतेरस पर खरीददारी के शुभ मुहूर्त(dhanteras puja Time)
दोपहर 01.06 से 02.30 तक 
दोपहर 02.30 से 03.54 तक 
शाम 05.18 से 06.42 तक 

धनतेरस के अवसर पर झाड़ू खरीदना शुभ होता है। झाड़ू के अलावा आप लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, माता लक्ष्मी के पद चिह्न आदि भी खरीद सकते हैं। सोना चांदी और वाहन भी खरीदने के लिए भी धनतेरस का दिन शुभ माना जाता है। 

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