
हटके डेस्क। ब्रिटेन के वेस्टयॉर्क्स से दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। वहां एक गैंग के लोगों ने टीनएज लड़कियों का लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया। इस गैंग में सैकड़ों अपराधी शामिल थे और वे कम उम्र की लड़कियों को अपना शिकार बनाते थे। वे उनसे पहले दोस्ती करते थे और उनके ड्रिंक में ड्रग्स मिला कर उनके साथ दुष्कर्म करते थे। गैंग के लोग 13-14 साल की लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे। उनका पहला शिकार हर्ड्सफील्ड की एक स्कूली लड़की थी, जिसका 300 लोगों ने 15 साल की उम्र होने तक यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरे ब्रिटेन को हिला दिया है। बहरहाल, इस एशियन ग्रूमिंग गैंग के इन अपराधियों को कोर्ट ने 55 साल की सजा दी है।
सैकड़ों लोग हैं इस गैंग में शामिल
मासूम लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर वर्षों तक उनका यौन शोषण करने वाले इस गैंग में सैकड़ों लोग शामिल हैं। इनमें एशियाई अपराधियों के अलावा यूरोप के भी खूंखार यौन अपराधी शामिल हैं। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि इन्होंने कितनी लड़कियों का जीवन बर्बाद किया है। पर महज 15 साल की लड़की का 300 लोगों ने यौन शोषण किया, इससे समझा जा सकता है कि गैंग कितना खौफनाक है।
लड़कियों को स्पेशल ट्रीटमेंट देते थे अपराधी
इस गैंग के अपराधी जब किसी लड़की को अपना शिकार बनाते थे तो पहले उसे भरोसे में ले लेते थे। वे उसका खास ख्याल रखते थे और उन्हें स्पेशल फील कराते थे। वे बहुत ही खास तरीके से उनका भरोसा खुद पर कायम करते थे और फिर यौन शोषण शुरू कर देते थे। इसके पहले गिरोह के लोग उन्हें नशे का भरपूर डोज देते थे, ताकि लड़कियों को कुछ पता नहीं चल सके और वे विरोध नहीं करें। लड़कियां भी धीरे-धीरे नशे की आदी होकर उन पर निर्भर हो जाती थीं।
स्कूली लड़कियों को ही बनाते थे निशाना
गिरोह के लोग खास तौर पर स्कूलों में पढ़ने वाली कम उम्र की लड़कियों को ही अपना निशाना बनाते थे, क्योंकि उन्हें जाल में फंसाना आसान होता था। वे उन्हें कई तरह के प्रलोभन भी देते थे। गिरोह के एक दरिंदे ने एक ऐसी लड़की के साथ दुष्कर्म किया, जिसके पेपर चल रहे थे। गिरोह के कुछ अपराधियों ने 1995 से 2011 के बीच 12 लड़कियों के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किया। वे इसकी शिकायत भी नहीं करती थीं। वहां की सोशल सर्विसेस ने एक बार यौन शोषण की शिकार एक लड़की की फैमिली से कहा था कि वह लड़की भी इसे पसंद करती थी और हो सकता है कि वह गिरोह के लोगों के पास वापस जाना चाहे।
मेंटल ट्रॉमा से गुजर रही हैं दोनों लड़कियां
बहरहाल, जिन दो लड़कियों ने इस मामले को उजागर किया और गिरोह के अपराधी पकड़े गए, वे मेंटल ट्रॉमा से गुजर रही हैं। इस मामले की सुनवाई लीड्स क्राउन कोर्ट ने की है। वहां के एक जज जियोफ्री मार्सन का कहना है कि इन लड़कियों ने जो दर्द झेला है, उससे शायद जिंदगी भर नहीं उबर पाएं। जजों का कहना था कि उन्हें मानसिक चिकित्सा और काउंसलिंग की जरूरत है। एक जज का कहना था कि इस गिरोह के अपराधी लड़कियों को प्रलोभन देकर अपराध की अंधेरी और खतरनाक दुनिया में ले आते थे। एक बार गिरोह के जाल में फंस जाने के बाद निकल पाना आसान नहीं होता था।
30 से 45 साल की उम्र के हैं दरिंदे
सैकड़ों लड़कियों का वर्षों तक यौन शोष करने वाले एशियन ग्रूमिंग गैंग के ज्यादातर दरिंदे 30 से 45 साल तक के हैं। इनका नेटवर्क काफी फैला हुआ है। अभी यह कहना मुश्किल है कि गिरोह के सभी अपराधी पकड़ लिए गए, क्योंकि जितने लोगों को सजा दी गई है, गिरोह में शामिल अपराधियों की संख्या उससे कहीं बहुत ही ज्यादा है। गिरोह के पकड़ में आए लोगों को उनके अपराध के हिसाब से अलग-अलग सजा दी गई है।
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