
कराची: पाकिस्तान में बर्निंग ट्रेन ने सोते हुए 65 लोगों को हमेशा के लिए सुला दिया। इस हादसे के होने के बाद भारत में 6 साल पहले हुए नंदेड़-बैंगलोर एक्सप्रेस हादसे की याद दिला दी। 28 दिसंबर 2013 को यात्री नंदेड़-बैंगलोर एक्सप्रेस में चैन की नींद सो रहे थे कि तड़के साढ़े तीन बजे ट्रेन के थर्ड एसी के कोच बी-1 में आग लग गई। इससे पहले की आग बुझाने की कोशिश की जाती, यात्रियों की चीखने की आवाजें आने लगी और 26 लोग जिंदा कोच में जल कर मौत के मुंह में समा गए।
शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा
इस ट्रेन में लगी आग का कारण शॉर्ट सर्किट था। एसी कोच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। ट्रेन अटेंडेंट ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तबतक आग ने काफी विकराल रूप ले लिया था, जिस कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
ड्राइवर ने दिखाई थी सूझबूझ
ट्रेन की बोगी में आग लगने की खबर जैसे ही ट्रेन के ड्राइवर को मिली, उसने ट्रेन को कोटचेरूवु रेलवे स्टेशन के नजदीक रोका और लपटों से घिरे डिब्बे को अलग किया गया, जिससे आग बाकी डिब्बों तक नहीं पहुंच पाई। अगर ड्राइवर ने डिब्बे को अलग नहीं किया होता, तो शायद आग दूसरे बोगियों में फ़ैल जाती और हादसा कई गुना ज्यादा भीषण रूप ले लेता।
पाकिस्तान में इस कारण हुआ हादसा
पाकिस्तान की कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में भीषण आग लगी। इस आगजनी में अब तक 65 यात्रियों की मौत हुई जबकि कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। बताया जा रहा है कि ट्रेन में गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था। जिसके कारण ये हादसा हुआ है।
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