
बीजिंग। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे लाइट जला कर सोते हैं। खास कर बच्चे अंधेरे में सोना पसंद नहीं करते। अकेले सोने वाले बच्चे लाइट ऑफ कर सोने से कतराते हैं। लेकिन चीन में लैम्प जला कर सोने वाली 7 साल की एक बच्ची की बॉडी में बड़ी तेजी से बदलाव देखने को मिले। जानकारी के मुताबिक, टॉन्ग टॉन्ग नाम की 7 साल की यह लड़की की लंबाई एक साल में 10 सेंटीमीटर बढ़ रही थी। अक्सर इतनी तेजी से लंबाई नहीं बढ़ती। टॉन्ग टॉन्ग की मां यह सोच कर खुश थी कि उसकी बेटी काफी लंबी होगी। लेकिन एक दिन जब टॉन्ग टॉन्ग नहा रही थी तो उसकी मां ने देखा कि उस छोटी-सी लड़की के ब्रेस्ट तेजी से बढ़ रहे थे। उसमें पीरियड्स आने के लक्षण भी दिख रहे थे।
डॉक्टर से दिखाया
टॉन्ग टॉन्ग की मां यह देख कर चिंतित हो गई और उसने उसे डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसकी मां से कहा कि टॉन्ग टॉन्ग की हड्डियां उसकी उम्र से तीन साल बड़ी उम्र के व्यक्ति की तरह हैं। डॉक्टर ने यह भी कहा कि यह अलग बात है कि बच्ची का ग्रोथ बहुत तेजी से हो रहा है, लेकिन वह 150 सेंटीमीटर से ज्यादा लंबी नहीं हो सकेगी।
वजह जान कर हैरान रह गई मां
टॉन्ग टॉन्ग की मां यह जान कर हैरान रह गई और उसने डॉक्टर से इसकी वजह के बारे में जानना चाहा। डॉक्टर ने कहा कि टॉन्ग टॉन्ग को वह फ्राइड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स नहीं दिया करें। इसके बाद डॉक्टर ने मां से टॉन्ग टॉन्ग की लाइफस्टाइल और उसकी स्लीपिंग हैबिट्स के बारे में जानना चाहा। उसकी मां ने बताया कि 4 साल की उम्र से ही वह अकेली सोती है। उसे अंधेरे में डर लगता है, इसलिए वह लैम्प जला कर ही सोती है। पिछले तीन साल से लगातार वह लैम्प की रोशनी में ही सो रही है।
डॉक्टर ने और क्या कहा
डॉक्टर ने कहा कि टॉन्ग टॉन्ग अभी 120 सेंटीमीटर लंबी है। इसकी बॉडी में जो बदलाव हो रहे हैं, उनसे जाहिर होता है कि उसे जल्दी प्यूबर्टी (यौवनारंभ) हुई है। मेडिकल टर्म में इसे प्रीकोशियस प्यूबर्टी कहते हैं। ऐसे मामले बहुत ही कम होते हैं। डॉक्टर ने यह भी कहा कि बच्ची के ओवेरियन फोलिकल्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर का कहना था कि अब बच्ची के ट्रीटमेंट में काफी देर हो चुकी है और हो सकता है कि दवाइयां उस पर पूरी तरह असर न करें। डॉक्टर ने यह भी कहा कि टॉन्ग टॉन्ग को जल्दी प्यूबर्टी होने के पीछे यह भी वजह हो सकती है कि उसकी बॉडी में मेलाटेनिन का सेक्रेशन कम हुआ हो। ऐसा तब होता है जब रात में लाइट जला कर सोया जाए। मेलाटेनिन का सेक्रेशन कम होने से सेक्शुअल मेच्युरेशन की प्रॉसेस तेज हो जाती है और इससे प्रीकोशियस प्यूबर्टी की समस्या पैदा होती है। डॉक्टर ने बताया कि लड़की का लंबा इलाज चलेगा और जरूरी नहीं कि इससे समस्या का निदान हो ही जाए। ऐसे मामले रेयर होते हैं।
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