कोरोना के इस वेरिएंट ने चीन में बरपाया कहर, इतना खतरनाक कि 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है सिर्फ एक मरीज

चीन में कोरोना कहर बनकर टूटा है। राजधानी बीजिंग समेत चीन के कई शहरों में बेहद बुरे हालात हैं। यहां तक कि मरीजों को अस्पतालों में न तो बेड मिल रहे हैं और ना ही दवाइयां। कई मरीज डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। मौतों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि चीन के कई श्मशानों में अंतिम संस्कार के लिए भी वेटिंग है।

Corona in China: चीन में कोरोना कहर बनकर टूटा है। राजधानी बीजिंग समेत चीन के कई शहरों में बेहद बुरे हालात हैं। यहां तक कि मरीजों को अस्पतालों में न तो बेड मिल रहे हैं और ना ही दवाइयां। कई मरीज डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। मौतों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि चीन के कई श्मशानों में अंतिम संस्कार के लिए भी वेटिंग है। हेल्थ और मेडिकल स्ट्रक्चर पूरी तरह चरमरा गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन में कोरोना विस्फोट की वजह इसका नया वैरिएंट है, जो बेहद घातक है। 

आखिर कौन-सा वेरिएंट मचा रहा कहर?
डॉक्टरों के मुताबिक, चीन में इस सयम कोरोना विस्फोट के लिए जिम्मेदार वैरिएंट का नाम BA.5.2.1.7 है। साइंटिस्ट्स इसे BF.7 भी कह रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ओमिक्रॉन का सबसे खतरनाक म्यूटेशन है। बता दें कि चीन में जीरो-कोविड पॉलिसी खत्म करने के बाद वहां अचानक कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं। 

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ओमिक्रॉन का सबसे खतरनाक वैरिएंट है BF.7:
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वक्त चीन में फैल रहा BF.7 ओमिक्रॉन का सबसे खतरनाक वैरिएंट है। यह वायरस पहले से संक्रमित हो चुके लोगों के अलावा वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। मतलब यह वैरिएंट पूरी तरह इम्यून सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है। इसके अलावा ये बहुत तेजी से फैल सकता है। 

BF.7 का मरीज एक साथ 18 लोगों को कर सकता है संक्रमित :  
BF.7 की R वैल्यू 10-18.6 है। इसका मतलब ये है कि इस वायरस से संक्रमित होने वाला एक मरीज 10 से लेकर 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। आमतौर पर ओमिक्रॉन वैरिएंट की औसत R वैल्यू 5 पाई जाती है। यही यही वजह है कि चीन में कोरोना के केस बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। बता दें कि R वैल्यू एक तरह से वायरस का रीप्रोडक्शन रेट है, जो ये बताता है कि एक इन्फेक्टेड व्यक्ति से कितने लोग इन्फेक्ट हो रहे हैं या हो सकते हैं। अगर R फैक्टर 1.0 से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि केस बढ़ रहे हैं। वहीं, R फैक्टर का 1.0 से कम होना केस घटने का संकेत देता है।

चीन में लोगों की हर्ड इम्युनिटी डेवलप नहीं : 
बता दें कि चीन में कोरोना की वजह से जीरो कोविड पॉलिसी और तमाम तरह की सख्ती लागू की गई थीं। इसकी वजह से वहां के लोगों में हर्ड इम्युनिटी डेवलप नहीं हो पाई। इसके साथ ही वहां वैक्सीनेशन भी करीब 40% लोगों का ही हो पाया है, जिसके चलते लोगों को ज्यादा खतरा है। 

क्या हैं BF.7 वैरिएंट के लक्षण : 
BF.7 वैरिएंट के लक्षण भी दूसरे वैरिएंट की तरह ही हैं। इसमें सर्दी, खांसी के साथ ही बुखार और गले में खराश होती है। इसके अलावा किसी-किसी मरीज में उल्टी और दस्त की शिकायतें भी पाई जाती हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों के लिए यह वैरिएंट बेहद घातक साबित हो सकता है। 

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