ड्रैगन की हरकत: भारत कर रहा मिसाइल टेस्टिंग की तैयारी, उधर चीन ने फिर भेजा जासूसी जहाज!

Published : Dec 07, 2022, 01:32 PM ISTUpdated : Dec 07, 2022, 06:00 PM IST
ड्रैगन की हरकत: भारत कर रहा मिसाइल टेस्टिंग की तैयारी, उधर चीन ने फिर भेजा जासूसी जहाज!

सार

पिछले महीने एक और जासूसी जहाज 'युआन वांग-6' चीन ने भेजा था। उस समय भी भारत एक मिसाइल सिस्टम की टेस्टिंग करने वाला था। समुद्री पोत ट्रैकिंग पोर्टल Marinetraffic.com की मानें तो चीनी जासूसी जहाज युआन वांग ने  4 से 5 दिसंबर की देर शाम इंडोनेशिया सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते से हिंद महासागर क्षेत्र में एंट्री की है।  

नई दिल्ली. चीन का विवादास्पद जासूसी जहाज 'युआन वांग-5' एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में घुस गया है। यह जहाज ऐसे वक्त घुसा है, जब भारत लंबी दूरी की मिसाइल अग्नि-5 की 15-16 दिसंबर को टेस्टिंग की योजना बना रहा है।  बता दें, पिछले महीने नवंबर में एक और जासूसी जहाज 'युआन वांग-6' चीन ने भेजा था। उस समय भी भारत एक मिसाइल सिस्टम की टेस्टिंग करने वाला था।

समुद्री पोत ट्रैकिंग पोर्टल Marinetraffic.com की मानें तो चीनी जासूसी जहाज युआन वांग ने  4 से 5 दिसंबर की देर शाम इंडोनेशिया सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते से हिंद महासागर क्षेत्र में एंट्री की है।

अभी कहां है चीन का जहाज
अभी फिलहाल चीन का जहाज इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर है। भारत अग्नि-5 की टेस्टिंग ओडिशा में स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से करेगा। इनों दोनों जगहों के बीच की दूरी करीबन 4000 KM है। 

पहले भी जहाज भेजकर जासूसी की कोशिश
यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने भारत की जासूसी के लिए अपना जहाज भेजा है। इससे पहले 2014 में चांगझेंग-2 जहाज कोलंबो के पास हबनटोटा में आ गया था। इसके बाद 2019 में चीनी नेवल शिप शी यान-1 अंडमान द्वीप के पास आ गई थी। इसके अलावा 2020 में चीनी रिसर्च जहाज हिंद महासागर में भेजे थे। इसके अलावा 2022 के अगस्त में युआन वांग-4, नवंबर में युआन वांग-6 और अब दिसंबर में युआंग वांग-5 हिंद महासागर में देखा गया है।

शांति का राग अलाप चुका चीन
इधर, चीन पहले भी अग्नि-5 की टेस्टिंग पर शांति का राग अलाप चुका है। चीन के प्रवक्ता ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान से कहा था कि सभी देशों को दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कोशिश करना चाहिए। उन्होंने भारत के न्यूक्लियर हथियार ले जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास पर रोक लगाने को लेकर UNSC के 1172 प्रस्ताव के उल्लंघन का हवाला दिया था। 

श्रीलंका-भारत ने मिलकर जताई चिंता
यही जहाज अगस्त में श्रीलंका के पानी में भी घुसा था। इसी साल अगस्त में भारत ने हंबनटोटा बंदरगाह पर जासूसी जहाज के डॉकिंग को लेकर राजनयिक स्तर पर श्रीलंका के अधिकारियों के साथ चिंता जताई थी।

15-16 दिसंबर को नो-फ्लाइजोन घोषित किया
इधर ट्विटर पर ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस हैंडल @detresfa के मुताबिक, भारत ने एक अधिसूचना  NOTAM जारी की है जिसमें 15 से 16 दिसंबर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर नो फ्लाइ जोन घोषित किया गया। करीबन 5400 किमी का दूरी के लिए निर्देश जारी किए गए।  

3 दिसंबर को एक एनुअल नेवी डे के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेवी चीफ एडमिरल आर हरी कुमार ने बयान में कहा था- यहां करीबन 4-6 नेवी के जहाज हैं। इसमें कुछ शोध पोत भी हैं, इसके अलावा मछली पकड़ने वाले जहाज और 60 एक्स्ट्रा रिजन फोर्स के जहाज हैं। 
 

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