जानें क्या है जी 7 ग्रुप, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे हिस्सा

Published : Aug 25, 2019, 04:32 PM IST
जानें क्या है जी 7 ग्रुप, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे हिस्सा

सार

जी 7 समूह देशों का सम्मेलन फ्रांस में हो रहा है। इस सम्मेलन में विशेष तौर पर भारत को अमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। आखिरकार ये जी 7 क्या है, इस ग्रुप के सदस्य कौन कौन हैं और ये करता क्या है। 

पेरिस. जी 7 समूह देशों का सम्मेलन फ्रांस में हो रहा है। इस सम्मेलन में विशेष तौर पर भारत को अमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। आखिरकार ये जी 7 क्या है, इस ग्रुप के सदस्य कौन कौन हैं और ये करता क्या है। 

क्या है जी 7 
यह दुनिया के साथ सबसे बड़े देशों का ग्रुप है। इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं। इसे ग्रुप ऑफ़ सेवन भी कहते हैं।

यह ग्रुप क्या करता है
यह ग्रुप 6 देशों का ग्रुप है। इसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट के संभावित समाधानों पर विचार किया गया था। अगले साल कनाडा इस समूह में शामिल हो गया। इस तरह यह जी 7 बन गया। यह ग्रुप खुद को "कम्यूनिटी ऑफ़ वैल्यूज" को मानने वाला समुदाय मानता है। 

कितना प्रभावी
इस ग्रुप जी-7 की आलोचना यह कह कर की जाती है। यह कभी प्रभावी संगठन नहीं रहा। कई सफलताों का दावा करता है। इसमें एड्स, टीबी और मलेरिया से लड़ने के लिए वैश्विक फंड की शुरुआत करना भी है। ग्रुप का कहना है कि साल 2002 से इस ग्रुप ने 2.7 लोगों की जान बचाई है। इस ग्रुप का दावा है कि 2016 के पेरिस जलवायु को लागू करने में इसकी भूमिका रही है। हालांकि इस समझौते से अमेरिका ने खुद को अलग कर लिया है।  


चीन इस समूह का हिस्सा नहीं
चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन वो इस समूह का हिस्सा नहीं है। इसका कारण यह कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रहती है। इस देश के प्रति व्यक्ति आय संपत्ति जी-7 समूह देशों के मुकाबले बहुत कम है। ऐसे में चीन को उन्नत या विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है। चीन जी-20 देशों के समूह का हिस्सा है। 

रुस भी था शामिल
1998 में रूस इस ग्रुप में शामिल हो गया था। यह ग्रुप जी 7 से जी 8 बन गया था। इस साल 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया हड़प लेने के बाद रूस को समूह से निलंबित कर दिया गया था। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस को समूह में फिर से शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि 'वार्ता की मेज पर हमारे साथ रूस होना चाहिए।'
 

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

दुनिया में होने जा रहा बड़ा खेल! ICC के खिलाफ एकजुट हो सकते हैं अमेरिका, चीन और रूस
Pakistan Army News: भारत के 'गायब' एयरबेस तबाह करने का दावा, पाक अफसर के वीडियो पर उड़ रही खिल्ली