अमिताभ बच्चन स्टारर 'बॉम्बे टू गोवा' 3 मार्च 1972 को रिलीज हुई थी और यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की कल्ट कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है।
बताया जाता है कि 'बॉम्बे टू गोवा' में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के लिए कोई हीरोइन तैयार नहीं थी। ऐसे में उनके दोस्त महमूद की गर्लफ्रेंड अरुणा ईरानी उनकी हीरोइन बनीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सोलो एक्टर के तौर पर 'बॉम्बे टू गोवा' अमिताभ बच्चन की पहली हिट फिल्म थी। इतना ही नहीं, यह बतौर लीड हीरो भी अमिताभ की पहली फिल्म थी।
बताया जाता है कि प्रकाश मेहरा ने मुंबई के नाज़ सिनेमा में 'बॉम्बे टू गोवा' देखी और क्लाइमैक्स सीन में अमिताभ की फाइट से इम्प्रेस होकर उन्होंने उन्हें 'ज़ंजीर' में लीड रोल दे दिया।
बताया जाता है कि 'बॉम्बे टू गोवा' का सॉन्ग 'देखा ना हाय रे' अमिताभ बच्चन के लिए डरावने सपने जैसा था, क्योंकि इस गाने को शूट करने के लिए उन्हें कई रीटेक लेने लगे थे।
'बॉम्बे टू गोवा' 1966 में रिलीज हुई तमिल की सुपरहिट फिल्म 'मद्रास से पांडिचेरी' की हिंदी रीमेक थी, जिसमें बीएस रविचंद्रन, नागेश, करूणानिधि और कल्पना की अहम् भूमिका थी।
'बॉम्बे टू गोवा' में अमिताभ बच्चन और अरुणा ईरानी के अलावा शत्रुघ्न सिन्हा और महमूद की भी अहम् भूमिका थी। फिल्म का निर्देशन एस. रामनाथन ने किया था। महमूद इसके प्रोड्यूसर थे।