शादी के सात वचनों में से पहले वचन में दुल्हन दूल्हे से चाहती है कि अगर आप कभी तीर्थ यात्रा पर जाएं तो मुझे भी साथ लेकर जाएं।
लड़की विवाह के दौरान लड़के से वचन लेती है कि जैसे तुम अपने माता-पिता का सम्मान करते हो, वैसे ही मेरे माता-पिता का भी सम्मान करोगे।
दुल्हन दूल्हे से हर परिस्थिति में उसका साथ देने और उसका ख्याल रखने की मांग करती है। लड़की चाहती है कि उसका पति जीवन भर ख्याल रखे, चाहे वह जवान हो, बड़ा हो या बूढ़ा।
विवाह के चौथे वचन में दूल्हे से परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा जाता है। भविष्य में परिवार की सभी जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी तुम्हारे कंधों पर होगी।
अपने 5वें वचन में दुल्हन मांग करती है कि तुम किसी भी काम या लेन-देन आदि पर पैसा खर्च करते समय मुझसे सलाह जरूर लोगे। सुख हो या दुख, अच्छे या बुरे, दोनों हमेशा एक-दूसरे का साथ देंगे।
विवाह के मंडप के अंतर्गत दुल्हन दूल्हे से वचन लेती है कि यदि मैं अपनी सहेलियों या अन्य स्त्रियों के साथ बैठी हूं तो आप सबके सामने किसी भी कारण से मेरा अपमान नहीं करेंगे।
अंतिम वचन में लड़की कहती है कि आप अन्य स्त्रियों को अपनी मां के समान मानेंगे तथा पति-पत्नी के रूप में हमारे प्रेम संबंध में किसी अन्य स्त्री को भागीदार नहीं बनाएंगे।