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Pink City: जयपुर नहीं, साउथ का ये शहर बन जाता है बसंत में गुलाबी नगरी

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बसंत में खिलते हैं गुलाबी ट्रम्पेट ट्री

फरवरी से मार्च के बीच बेंगलुरु में टबैबुइया रोज़ा के पेड़ खिलने लगते हैं। इन पेड़ों पर गुलाबी फूल इतने घने लगते हैं कि पूरा पेड़ फूलों से ढका दिखाई देता है।

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सड़कें बन जाती हैं पिंक टनल

जब इन पेड़ों के फूल झड़ते हैं तो सड़कें गुलाबी कालीन जैसी दिखने लगती हैं। कई जगहों पर पेड़ों की कतारें इतनी सुंदर लगती हैं कि वहां फोटो क्लिक कराने वालों की भीड़ लग जाती है।

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शहर की खूबसूरती बढ़ाते हैं पार्क और गार्डन

बेंगलुरु के पार्क, गार्डन और झीलों के आसपास ये गुलाबी फूल शहर की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। इस मौसम में यहां का नजारा किसी पेंटिंग से कम नहीं लगता।

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फोटोग्राफी और घूमने के लिए बेस्ट टाइम

बसंत के इन हफ्तों में बेंगलुरु घूमना बेहद खास अनुभव होता है। सुबह और शाम के समय गुलाबी पेड़ों के नीचे टहलना और फोटोग्राफी करना लोगों को खास अट्रैक्ट करता है।

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इसलिए कहा जाता है साउथ की ‘पिंक सिटी’

जयपुर अपनी गुलाबी इमारतों के लिए मशहूर है, जबकि बेंगलुरु बसंत में प्रकृति के गुलाबी रंग से सज जाता है। यही वजह है कि कई लोग इस मौसम में इसे “साउथ की गुलाबी नगरी” भी कहते हैं।

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