हनुमान जयंती 2026, 2 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन का महत्व सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसे ग्रह दोषों से मुक्ति पाने का भी बेहद खास अवसर माना जाता है।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है, उन्हें जीवन में विवाह, करियर और मानसिक तनाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अगर आप भी मंगल दोष से राहत चाहते हैं, तो हनुमान जयंती के दिन यहां बताए गए 5 आसान और चमत्कारी उपाय आपके लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं।
हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मंगल ग्रह शांत होता है। जीवन में आने वाली बाधाएं खत्म होने लगती हैं।
इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना या सुनना मंगल दोष को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। नियमित रूप से 11 या 21 दिनों तक पाठ करने से मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ता है।
हनुमान जयंती पर “ॐ हनुमते नमः” या “ॐ नमो भगवते हनुमते नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना मंगल दोष शांति के लिए बेहद असरदार माना जाता है। यह उपाय आपके जीवन में आ रही रुकावटों को दूर करने में मदद करता है।
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बंदरों को गुड़ और चना खिलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे न सिर्फ मंगल दोष शांत होता है, बल्कि जीवन में सौभाग्य भी बढ़ता है।
हनुमान जी को मंगल ग्रह का स्वामी और संकटमोचक माना जाता है। इसलिए उनकी सच्चे मन से पूजा करने से कुंडली के दोष, खासकर मंगल दोष, काफी हद तक शांत हो सकते हैं।