राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 3 अगस्त है शुभ, जानिए इस दिन बन रहे हैं कौन-कौन से शुभ संयोग

Published : Jul 20, 2020, 12:14 PM IST
राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 3 अगस्त है शुभ, जानिए इस दिन बन रहे हैं कौन-कौन से शुभ संयोग

सार

राम मंदिर ट्रस्ट की दूसरी बैठक 18 जुलाई, शनिवार को संपन्न हुई। बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख तय कर ली गई।

उज्जैन. पीएम नरेंद्र मोदी को 3 और 5 अगस्त की तारीख भूमि पूजन के लिए सुझाई गई हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय को लेना है। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार- 
यत्र मर्त्या: अमर्त्या: वसन्ते इति वास्तु  
अर्थात् जहाँ मर्त्य अमर्त्य बसते हैं उसे वास्तु कहते हैं। मर्त्य यानी कि मनुष्य अमर्त्य अर्थात देवता, अर्थात मंदिर का भी एक वास्तु होता है। इसलिए शुभ मुहूर्तों में मंदिर का भूमि पूजन होना चाहिए। राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 3 अगस्त बहुत ही शुभ दिन है, क्योंकि इस दिन अनेक विशेष योग बन रहे हैं। जानिए क्या खास है इस दिन-

- 3 अगस्त को पूर्णिमा तिथि और वार सोमवार है। यह चंद्रमा की पन्द्रहवीं तिथि है। इसके स्वामी चन्द्र देव हैं पूर्णिमा में सूर्य और चन्द्र का सम सप्तक योग होता है। इसका विशेष नाम सौम्या है। इस दिन चन्द्रमा के पास अमृत का खजाना रहता है। 
- पूर्णिमा तिथि सोमवार को होने से पूर्णिमा का मह्त्व और अधिक बढ़ जाता है। पूर्णा तिथि है। सौम्या इसकी विशेष संज्ञा है। कहा गया है-
यज्ञक्रियापौष्टिकमंगलानि संग्रामयोग्याखिलवास्तुकर्म |
उद्वाहशिल्पाखिलभूषणाद्यं कार्यं प्रतिष्ठा खुल पौर्णमास्याम् ||
अर्थात् पूर्णिमा के दिन यज्ञकार्य पौष्टिक एवं मांगलिक कृत्य, सम्पूर्ण वास्तुकार्य , शिल्पकर्म देवप्रतिष्ठा अत्यन्त शुभ मानी जाती है।
- 3 जुलाई की सुबह 7:46 तक प्रीति योग है। उसके बाद आयुष्मान योग प्रारंभ हो जाएगा। दोनों ही योग अत्यंत ही शुभप्रद योग हैं। सूर्योदय प्रीति योग में हो रहा है,  प्रीति योग में किये गये कार्य सुविधापूर्वक सम्पन्न होते हैं। इससे देश में सामाजिक सौहार्द की भावना पनपेगी। आयुष्मान योग भी धर्म- कार्य इत्यादि सभी प्रकार के कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। इस योग में किये गये कार्य स्थिर तथा स्थायी होते हैं और उनका परिणाम दूरगामी होता है। 
- 3 अगस्त की सुबह 8:30 तक भद्रा है उसके बाद बव करण आयेगा, बल करण वास्तु कर्म के लिए उत्तम होता है। दिन में 7:34 तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है इसके बाद श्रवण नक्षत्र आ जा रहा है। श्रवण नक्षत्र का स्वामी भगवान विष्णु हैं, ऐसे में भगवान् विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का कार्य बेहद शुभ होगा। 
- ग्रह स्थिति में बुधादित्य नामक शुभ योग बन रहा है। अत: 3 अगस्त को ही राम मंदिर का भूमि पूजन करना शुभ रहेगा। 
 

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