Falgun Amavasya 2022: पितृ दोष के अशुभ प्रभाव से बचा सकते हैं ये उपाय, आज फाल्गुन अमावस्या पर करें

Published : Mar 02, 2022, 09:18 AM IST
Falgun Amavasya 2022: पितृ दोष के अशुभ प्रभाव से बचा सकते हैं ये उपाय, आज फाल्गुन अमावस्या पर करें

सार

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस तिथि को पितरों की तिथि कहा जाता है यानी इस तिथि के स्वामी पितृ देवता होते हैं। आज यानी 2 मार्च, बुधवार को फाल्गुन मास की अमावस्या (Falgun Amavasya 2022) है।

उज्जैन. फाल्गुन हिंदू पंचागं का अंतिम महीना होता है यानी ये हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या है। इसलिए इसका महत्व और भी अधिक है। इस अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने का महत्व काफी अधिक है। जो लोग वर्ष भर किसी कारण से पितरों के निमित्त कर्म नहीं कर पाएं हो, वे यदि आज पितृ शांति के उपाय करें तो उन्हें पितृ दोष के अशुभ प्रभाव में कुछ कमी आ सकती है। ये उपाय बहुत ही आसान हैं। जानिए इस दिन आप कौन से उपाय कर सकते हैं और किन कामों से इस दिन बचना चाहिए…

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1. फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya 2022) पर पितरों के लिए सात्विक भोजन बनाना चाहिए। सात्विक भोजन यानी संतुलित आहार। इस दिन तामसिक भोजन का त्याग करें। तामसिक भोजन यानी लहसून-प्याज के साथ बने व्यंजन, अधिक तला-भुना मसालेदार खाना, मांसाहार।
2. श्राद्ध कर्म बहुत साधारण तरीके से करना चाहिए। बहुत अधिक धनी होने पर इस कर्म का ज्यादा विस्तार न करें यानी बड़े पैमाने पर न करें।
3. अमावस्या तिथि की सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। घर के मंदिर में पूजा करें। दोपहर में करीब 12 बजे श्राद्ध कर्म करें और ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों दान-दक्षिणा दें।
4. किसी गौशाला में धन और हरी घास का दान करें। पितरों के नाम पर जल का दान करें।
5. फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya 2022) पर पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। ऐसा संभव न हो तो नजदीक में जो भी नदी हो, वहां स्नान कर तर्पण करें।
6. अमावस्या की शाम सरसों के तेल के चार दीपक जलाएं। इन्हें घर की चौखट पर रख दें। एक दीपक और एक लोटे में जल लेकर आंख बंद करके अपने पितरों को याद करें और उनसे यह प्रार्थना करें कि पितृ पक्ष खत्म हो गया है, इसलिए आप सभी परिवार के सभी सदस्यों को आशीर्वाद दें और अपने लोक में लौट जाएं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

 

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