2021 के अंतिम महीने दिसंबर में कब मनाया जाएगा कौन-सा पर्व, जानिए फेस्टिवल कैलेंडर से

Published : Dec 02, 2021, 07:47 AM IST
2021 के अंतिम महीने दिसंबर में कब मनाया जाएगा कौन-सा पर्व, जानिए फेस्टिवल कैलेंडर से

सार

साल 2021 का अंतिम महीना दिसंबर बुधवार से शुरू हो चुका है। इस महीने में हिन्दी पंचांग का अगहन महीना 19 दिसंबर तक रहेगा, इसके बाद पौष मास की शुरूआत हो जाएगी। दिसंबर में कई धार्मिक पर्व और उत्सव मनाएं जाएंगे, वहीं कई ग्रह राशि बदलेंगे।  

उज्जैन. साल का अंतिम सूर्यग्रहण दिसंबर 2021 यानी इसी महीने में होगा। ये सभी घटनाएं, बदलाव और उत्सव इस महीने को और भी खास बनाते हैं। इस महीने में श्रीराम-सीता विवाह पर्व, धनु संक्रांति और खरमास भी रहेगा। 16 दिसंबर को खर मास के शुरू होते ही विवाह आदि शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। आगे जानिए दिसंबर महीने में कब कौन से खास पर्व आ रहे हैं...
 

- 2 दिसंबर, गुरुवार को प्रदोष व्रत और शिव चतुर्दशी पर्व है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत किया जाता है। शाम को प्रदोष काल और मध्यरात्रि में भगवान शिव-पार्वती की विशेष पूजा की जाएगी।
- 4 दिसंबर, शनिवार को मार्गशीर्ष महीने की अमावस्या है। इस पर्व पर पितरों के लिए श्राद्ध और पूजन करने की परंपरा है। साथ ही इस दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण होगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण यहां इसका सूतक नहीं रहेगा। इस दिन शनैश्चरी अमावस्या भी रहेगी।
- 8 दिसंबर, बुधवार को विवाह पंचमी है। त्रेतायुग में इसी तिथि पर श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था। इस दिन श्रीराम और सीता की विशेष पूजा करें। रामायण का पाठ करें।
- 14 दिसंबर, मंगलवार को मोक्षदा एकादशी है। इस दिन व्रत के साथ श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन गीता जयंती पर्व भी मनाया जाता है। इस पर्व पर नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है।
- 16 दिसंबर, गुरुवार को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। इस दिन नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। इस दिन से खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य के धनु राशि में आने से खरमास शुरू होता है। जो कि 14 जनवरी तक रहेगा। इस माह में विवाह आदि मांगलिक कर्म नहीं किए जाते हैं।
- 18 दिसंबर, शनिवार को दत्तात्रेय जयंती है। इस तिथि पर ऋषि अत्रि और सति अनुसुया के पुत्र दत्तात्रेय का जन्म हुआ था। त्रिदेवों का अंश होने से शैव और वैष्णव दोनों ही भगवान दत्तात्रेय की पूजा करते हैं।
- 19 दिसंबर, रविवार को मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि है। ये इस हिंदी महीने का आखिरी दिन रहेगा। अगहन महीने के इस पूर्णिमा पर्व पर स्नान-दान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है।
- 20 दिसंबर, सोमवार को हिंदी कैलेंडर का दसवां महीना यानी पौष मास शुरू हो जाएगा। इस महीने में भगवान सूर्य की विशेष पूजा करने की परंपरा है। ग्रंथों के मुताबिक पौष महीने में किए गए स्नान-दान का कई गुना पुण्य फल मिलता है।

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