Sawan 2022: हिमाचल के शिव मंदिर में हर 12 साल में होता है चमत्कार, कोई समझ नहीं पाया इसका रहस्य

Published : Jul 22, 2022, 04:52 PM IST
Sawan 2022: हिमाचल के शिव मंदिर में हर 12 साल में होता है  चमत्कार, कोई समझ नहीं पाया इसका रहस्य

सार

भारत में एक नहीं कई चमत्कारी मंदिर हैं। इन मंदिरों में कुछ ऐसे रहस्य छिपे हैं जिनका रहस्य आज तक कोई समझ नहीं पाया है। इनमें से अधिकांश मंदिर भगवान शिव से जुड़े हैं। ऐसा ही एक मंदिर है हिमाचल (Himachal) के कूल्लू (Kullu) में।

उज्जैन. हिमाचल के कुल्लू में स्थित शिव मंदिर को बिजली महादेव  (Bijli Mahadev Temple) के नाम से जाना जाता है। जैसे इस मंदिर का नाम है, वैसा ही काम भी है। यहां रहने वाले लोगों की मानें तो इस मंदिर पर हर 12 साल में आकाशीय बिजली गिरती है, लेकिन इसके बाद भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं होता। यह घटना कई लोगों ने अपनी आंखों से देखी है। ऐसा क्यों होता है, ये लोगों के बीच में आज भी एक रहस्य है। सावन (Sawan 2022) के पवित्र महीने में जानिए इस मंदिर से जुड़ी खास बातें…

इंद्र गिराते हैं इस मंदिर पर बिजली
पौराणिक कथाओं की माने तो यहां की विशालकाय घाटी सांप के रूप में है, जिसका वध महादेव ने किया था। ऐसा कहा जाता है कि हर 12 साल में देवराज इंद्र महादेव की आज्ञा से इस मंदिर पर बिजली गिराते हैं, जिससे ये शिवलिंग खंडित हो जाता है। इसके बाद जब मंदिर की पुजारी इस शिवलिंग पर मक्खन का लेप करते हैं ताकि महादेव को राहत मिले। मक्खन लगाने के कारण इस मंदिर का एक नाम मक्खन महादेव भी है। 

जानिए बिजली मंदिर से जुड़ी रोचक कथा (Know interesting story related to Bijli Mahadev)
जनश्रुति है कि इस स्थान पर कुलान्तक नाम का एक दैत्य रहता था। एक बार अजगर की तरह दिखने वाले इस दैत्य ने जब व्यास नदी के बहाव को रोककर घाटी को डूबाने का प्रयास किया तो क्रोधित होकर महादेव ने उसका वध कर दिया। मरने के बाद कुलांतक राक्षस का शरीर एक पहाड़ में बदल गया। कुलांतक के नाम का अपभ्रंश ही कुल्लू है। इसके बाद शिवजी ने इंद्र देव को आदेश दिया कि वे दैत्य के शरीर पर हर 12 साल बाद बिजली गिराए। तब से आज तक ये चमत्कार होता आ रहा है।

कैसे पहुंचें? (How to reach Bijli Mahadev)
बिजली महादेव मंदिर पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले ट्रेन, बस या स्वयं के वाहन से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू तक पहुंचना होगा। यहां से आप लोकल बस या टैक्सी करके चांसरी गाँव तक पहुंचें। इसके बाद ट्रेक का रास्ता शुरू हो जाता है। बिजली महादेव पहुँचने का ट्रेक 3 किलोमीटर लंबा हैं जिसे आप 2 से 3 घंटों में पूरा कर सकते हैं।

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