वैशाख मास 9 अप्रैल से, जानिए क्या है इस महीने का महत्व, 7 मई तक रखें इन बातों का ध्यान

Published : Apr 09, 2020, 10:59 AM IST
वैशाख मास 9 अप्रैल से, जानिए क्या है इस महीने का महत्व, 7 मई तक रखें इन बातों का ध्यान

सार

स्कंद पुराण में वैशाख मास को सभी मासों में उत्तम बताया गया है। वैशाख मास के देवता भगवान मधुसूदन हैं।

उज्जैन. पुराणों में कहा गया है कि वैशाख मास में सूर्योदय से पहले जो व्यक्ति स्नान करता है तथा व्रत रखता है, वह भगवान विष्णु को विशेष प्रिय होता है। इस बार वैशाख मास का प्रारंभ 9 अप्रैल, गुरुवार से हो रहा है, जो 7 मई, गुरुवार तक रहेगा।

वैशाख मास का महत्व
स्कंद पुराण के अनुसार, महीरथ नामक राजा ने केवल वैशाख स्नान से ही वैकुण्ठधाम प्राप्त किया था। इसमें व्रती (व्रत रखने वाला) को प्रतिदिन सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी तीर्थस्थान, सरोवर, नदी या कुएं पर जाकर स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य देते समय नीचे लिखा मंत्र बोलना चाहिए-
वैशाखे मेषगे भानौ प्रात: स्नानपरायण:।
अर्ध्य तेहं प्रदास्यामि गृहाण मधुसूदन।।


वैशाख मास में रखें इन बातों का ध्यान
1.
वैशाख व्रत महात्म्य की कथा सुननी चाहिए तथा ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
2. व्रती (व्रत करने वाला) को एक समय भोजन करना चाहिए।
3. वैशाख मास में जलदान का विशेष महत्व है। इस महीने में प्याऊ की स्थापना करवानी चाहिए।
4. पंखा, खरबूजा एवं अन्य फल, अनाज आदि का दान करना चाहिए।
5. स्कंद पुराण के अनुसार, इस महीने में तेल लगाना, दिन में सोना, कांसे के बर्तन में भोजन करना, दो बार भोजन करना, रात में खाना आदि वर्जित माना गया है।
 

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