karva chauth 2022: कहां है देश का एकमात्र चौथ माता का मंदिर, क्या हैं इससे जुड़ी मान्यता और परंपरा?

Published : Oct 10, 2022, 11:38 AM IST
karva chauth 2022: कहां है देश का एकमात्र चौथ माता का मंदिर, क्या हैं इससे जुड़ी मान्यता और परंपरा?

सार

 karva chauth 2022: हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं की मान्यता है। उन्हीं में से से एक है चौथ माता यानी चतुर्थी तिथि। प्रत्येक महीने की चतुर्थी तिथि पर भगवान श्रीगणेश और चौथ माता के लिए व्रत-उपवास किया जाता है।  

उज्जैन. इस बार 13 अक्टूबर, गुरुवार को करवा चौथ (karva chauth 2022) का व्रत किया जाएगा। इस दिन का हर सुहागिन महिला को बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। मान्यता के अनुसार, चतुर्थी तिथि भी देवी का स्वरूप है। इनकी पूजा भी करवा चौथ पर की जाती है। चौथ माता का एक प्रसिद्ध मंदिर भी राजस्थान में है। करवा चौथ पर यहां महिलाएं विशेष रूप से पूजा करने आती हैं। आगे जानिए कहां है ये मंदिर और इससे जुड़ी खास बातें…

यहां है चौथ माता का मंदिर
चौथ माता का प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सवाई माधोपुर (Chauth Mata Temple Sawai Madhopur Rajasthan) जिले के बरवाड़ा शहर में 1 हजार फीट से भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है। ये राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में से एक है। वैसे तो यहां प्रत्येक महीने की दोनों चतुर्थी तिथि पर भक्तों की भीड़ लगती है, लेकिन करवा चौथ पर यहां की रौनक देखते ही बनती है। कहते हैं कि इस मंदिर की स्थापना 1451 में यहां के राजा भीम सिंह ने की थी। 

माता के नाम पर बाजार भी
चौथ माता के नाम पर कोटा में चौथ माता बाजार भी है। मान्यता है कि कोई संतान प्राप्ति तो कोई सुख-समृद्धि की कामना लेकर चौथ माता के दर्शन को आता है। यहां सभी लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के दौरान यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। मंदिर सुंदर हरे वातावरण और घास के मैदान के बीच स्थित है।

1 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित है ये मंदिर
करीब एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित चौथ माता का मंदिर जन-जन की आस्था का केन्द्र है। मंदिर सफेद संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया है। दीवारों और छत पर शिलालेख के साथ यह वास्तुकला का अद्भुद उदाहरण प्रस्तुत करता है। मंदिर तक पहुंचना काफी कठिन हैं क्योंकि इसके लिए लगभग 700 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। देवी की मूर्ति के अलावा, मंदिर परिसर में भगवान गणेश और भैरव की मूर्तियां भी हैं।

कैसे पहुचें?
- सवाई माधोपुर में कोई हवाई अड्डा नहीं है, लेकिन जयपुर हवाई अड्डे से हवाई मार्ग से सवाई माधोपुर पहुँचा जा सकता है, जो 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- जिले का निकटतम रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर जंक्शन है, जो देश के सभी प्रमुख रेल संपर्कों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
- सवाई माधोपुर सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है और निजी बस, टैक्सियों, परिवहन बसों आदि के माध्यम से सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 
- रणथंभौर जयपुर से 191 किमी, सवाई माधोपुर से 11 किमी और नई दिल्ली से लगभग 394 किमी दूर है।                                        

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