शास्त्रों में महाभारत को पांचवा वेद कहा गया है। महाभारत की कथा जितनी बड़ी है, उतनी ही रोचक भी है। इसके रचयिता महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास हैं।
उज्जैन. महाभारत में कुल एक लाख श्लोक है, इसलिए इसे शतसाहस्त्री संहिता भी कहते हैं। आज हम आपको इस ग्रंथ को कुछ रोचक बातें बता रहे हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। ये रोचक बातें इस प्रकार हैं-
इसलिए नीचे आ गया युधिष्ठिर का रथ
भीष्म पितामाह के बाद गुरु द्रोणाचार्य को कौरव सेना का सेनापति बनाया गया। गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवों की सेना में भीषण तबाही मचा दी। ये देखकर भगवान श्रीकृष्ण को बहुत चिंता होने लगी।
तब भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों से कहा कि गुरु द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा से बहुत प्रेम करते हैं, अगर हम उन्हें ये यकीन दिला दें कि उनके पुत्र का वध हो चुका है तो वे अपने अस्त्र त्याग देंगे। उस अवस्था में उनका वध आसानी से किया जा सकेगा।
श्रीकृष्ण ने भीम से कहा कि युद्ध भूमि में एक हाथी का नाम अश्वत्थामा है, तुम उसका वध कर दो और द्रोणाचार्य के सामने जाकर कहो कि अश्वत्थामा मारा गया। भीम ने ऐसा ही किया।
भीम के मुख से अपने पुत्र की मौत की खबर सुनकर आचार्य द्रोण को विश्वास नहीं हुआ। तब उन्होंने युधिष्ठिर से इसके बारे में पूछा, क्योंकि वे जानते थे कि युधिष्ठिर कभी झूठ नहीं बोलेंगे।
गुरु द्रोणाचार्य के पूछने पर युधिष्ठिर न कहा कि- अश्वत्थामा मारा गया और उसके बाद धीरे से बोले, किंतु हाथी। इसके पहले युधिष्ठिर का रथ पृथ्वी से चार अंगुल ऊंचा रहता था, लेकिन उस दिन असत्य मुंह से निकलते ही उनका रथ जमीन से सट गया।
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