
Astro Tips: हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व है। कुछ खास चीजें दान करने से ग्रहों से संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कामना पूर्ति के लिए भी दान से संबंधित अनेक उपाय भी ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। कुछ विशेष परिस्थिति में कपड़े, जूते-चप्पल आदि का दान भी करना चाहिए। इससे भी शुभ फलों की प्राप्ति संभव है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए जूतों का दान कब और किसे करना चाहिए? साथ ही इसके क्या लाभ हैं…
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ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार जब किसी व्यक्ति पर शनि का अशुभ प्रभाव है यानी उसकी राशि पर ढैय्या और साढ़ेसाती का प्रभाव हो तो इस स्थिति में परेशानियों से बचने के लिए जूतों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से शनि का अशुभ प्रभाव कुछ कम हो सकता है और समस्याओं से भी निजात मिलती है। इसके अलावा जब घर में किसी की मृत्यु हो तो उसका उत्तर कर्म करते समय भी जूतों का दान ब्राह्मण को करने का विधान है।
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अगर आप शनि के अशुभ फल से बचने के लिए जूते-चप्पल का दान करना चाहते हैं तो ये दान कुष्ठ रोगियों को विशेष रूप से करना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि जूते-चप्पल का रंग काला होना चाहिए। अगर कुष्ठ रोगी न हो तो किसी अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को भी जूतों का दान किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें जिसे इसकी जरूरत न हो, उसे जूतों का दान न करें। इसका कोई शुभ फल प्राप्त नहीं होता।
ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, लाल किताब में जूतों के दान का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि शनि का असर व्यक्ति के पैरों पर सबसे अधिक माना गया है। जब किसी व्यक्ति पर शनि का बुरा असर होता है तो उसे पैरों से संबंधित परेशानियां या रोग होते हैं। ऐसी स्थिति में जब आप किसी जरूरतमंद को जूतों का दान करते हैं तो इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।