
Ravi Pushay 1 November 2026 Shubh Muhurat: रविवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य योग बनेगा। ज्योतिष में इस योग को खरीदारी और नई चीजें घर लाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा साध्य, शुभ, श्रीवत्स और सर्वार्थसिद्धि नाम के 4 शुभ योग भी बनेंगे। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल की पूरी जानकारी।
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1 नवंबर, रविवार को अहोई अष्टमी की पूजा के लिए शाम 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 54 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। इस तरह महिलाओं को पूजा करने के लिए कुल 1 घंटा 18 मिनट मिलेंगे।
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सुबह 7:59 से 9:23 बजे तक
सुबह 9:23 से 10:46 बजे तक
दोपहर 11:48 से 12:32 बजे तक
दोपहर 1:34 से 2:57 बजे तक
शाम 5:44 से 7:21 बजे तक
शाम 7:21 से 8:57 बजे तक
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रविवार को चंद्रमा मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा। कर्क राशि में मंगल पहले से मौजूद रहेंगे। वहीं शनि मीन राशि में, सूर्य, बुध और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। गुरु और केतु सिंह राशि में तथा राहु कुंभ राशि में स्थित रहेंगे।
दिशा शूल के अनुसार रविवार को पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करना अच्छा नहीं माना जाता। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में जाना पड़े तो घर से निकलने से पहले दलिया, घी या पान खाकर निकलें। मान्यता है कि ऐसा करने से यात्रा में आने वाली परेशानियों से बचाव होता है।
रविवार को राहुकाल शाम 4 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस समय कोई भी शुभ या मांगलिक काम शुरू करने से बचना चाहिए।
विक्रम संवत – 2083
मास – कार्तिक
पक्ष – कृष्ण
दिन – रविवार
ऋतु – शरद
नक्षत्र – पुष्य और आश्लेषा
करण – बव और बालव
सूर्योदय – सुबह 6:36 बजे
सूर्यास्त – शाम 5:44 बजे
चंद्रोदय – रात 11:52 बजे
चंद्रास्त – दोपहर 12:41 बजे
इस दिन नीचे दिए गए समय में शुभ और मांगलिक काम करने से बचना चाहिए।
यमगण्ड – दोपहर 12:10 से 1:34 बजे तक
कुलिक – दोपहर 2:57 से शाम 4:21 बजे तक
दुर्मुहूर्त – शाम 4:15 से 5:00 बजे तक
वर्ज्यम् – दोपहर 1:16 से 2:47 बजे तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।