
How to use car ac in humidity: गर्मी के दिनों में बिना AC चलाए कार में बैठना एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन, क्या आपको इस बात की जानकारी है कि कार की स्पीड के साथ उसकी एसी को सही तरीके से मैनेज न किया जाए तो आपकी जेब ढीली हो सकती है? ऐसे में आप सही दिमाग लगाकर अपने जेब को ढीली होने से बचा सकते हैं। कार में AC चलाने के बाद ठंडक जरूर मिलती है, लेकिन इसका असर पेट्रोल पर पड़ता है। स्पीड के साथ एसी चलाने पर फ्यूल का खर्च ज्यादा होता है। चलिए जानते हैं कि कैसे इसका सही इस्तेमाल करके फ्यूल बचाया जा सकता है।
यदि आपकी कार में AC का कंट्रोल Manual है, तो उसे फौरन Low या Medium फैन स्पीड पर चलाना सही हो सकता है। सीधी भाषा में समझें तो फैन स्पीड 1 या 2 नंबर पर चलाने से आपकी तेल कम फूंकेगी। केबिन को ठंडक देने के लिए यह सिस्टम सही होगा। इसके अलावा आपकी कार की इंजन पर ज्यादा जोर नहीं पड़ेगा। वहीं, आप फैन स्पीड 3 या 4 नंबर पर करके यूज करते हैं तो ब्लोवर ज्यादा पावर उठाता है। ऐसे में इंजन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। फ्यूल की खपत भी ज्यादा होने लगती है।
आपकी कार ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम से लैस है तो AC का टेंप्रेचर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रखना सही माना जाता है। ऐसा करने से केबिन काफी आरामदायक रहेगा और AC सिस्टम पर ज्यादा असर नहीं होगा। इस स्थिति में आपके कार की इंजन ज्यादा तेल नहीं लेगी और आसानी से ठंडक में आप यात्रा कर पाएंगे।
AC को समय-समय पर मेंटेनेंस: यदि आप अपनी कार की AC को समय-समय मेंटेनेंस देते हैं तो कूलिंग एफिशियंसी बेहतर रहती है। इसके अलावा इंजन पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
जब जरूरी हो तब चलाएं AC: अपनी कार में AC का प्रयोग तभी करें जब आपको इसकी जरूरत हो। बिना मतलब के एसी चलाना आपकी जेब ढीली करने जैसा है। जब टेंप्रेचर नॉर्मल हो उस समय ब्लोअर भी अच्छा काम कर सकता है। इससे तेल खर्च कम होगा।
Ricirculation मोड यूज: कार के अंदर रिसर्कुलेशन मोड़ ऑन करने से AC केबीन ही ही ठंडी हवा को रीसायकल कर देता है। ऐसा करने से ठंडक जल्दी मिलती है और पावर पर कम दबाव पड़ता है।
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