क्यों बदल रही है भारत की ऑटो पॉलिसी?
अब तक भारत की नीति साफ रही है, 'देश में बनाओ, तभी सस्ता बेचो'। ज्यादा टैक्स इसलिए लगाया गया ताकि घरेलू कंपनियों को सुरक्षा मिले, विदेशी कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग करें, लेकिन बदलते ग्लोबल हालात और ट्रेड दबाव के चलते सरकार अब धीरे-धीरे बाजार खोलने के मूड में है। दुनिया में इस वक्त आर्थिक और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतियों से ग्लोबल ट्रेड पर असर पड़ा है। ऐसे माहौल में भारत और EU दोनों ही एक-दूसरे के और करीब आना चाहते हैं।