महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा दौड़ाई EV गाड़ियां, इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल खरीदने में 8 राज्यों का दबदबा

Published : Jan 09, 2026, 04:20 PM IST
महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा दौड़ाई EV गाड़ियां, इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल खरीदने में 8 राज्यों का दबदबा

सार

2025 में महाराष्ट्र भारत का शीर्ष EV बाजार बनकर उभरा। राज्य ने 103% वृद्धि के साथ 30,596 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 17% हो गई। यह इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी अग्रणी है।

भारत में इलेक्ट्रिक कारों और SUVs का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। साल 2025 में महाराष्ट्र एक बार फिर देश का सबसे बड़ा EV बाजार बनकर उभरा है। पिछले साल, देश भर में बिकी इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों (कार, SUV और MPV) में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी महाराष्ट्र की थी। वाहन पोर्टल के डेटा के मुताबिक (7 जनवरी 2026 तक), 2025 में भारत में कुल 177,054 इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियां बिकीं। यह पिछले साल के मुकाबले 77 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें से 30,596 यूनिट्स अकेले महाराष्ट्र में बिकीं, जो 103% की सालाना ग्रोथ दिखाती है। इससे महाराष्ट्र का मार्केट शेयर बढ़कर 17% हो गया, जो 2024 में 15% था।

महाराष्ट्र में जमकर बिक रहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियां

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, महाराष्ट्र की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान दे रही है, जहाँ इलेक्ट्रिक कारों और SUVs की मांग तेजी से बढ़ रही है। सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों और SUVs में ही नहीं, बल्कि दूसरे इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में भी महाराष्ट्र की पकड़ मजबूत है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E-2W) की बिक्री 216,148 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो 17% मार्केट शेयर (देश में पहला स्थान) के बराबर है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (E-CV) की बिक्री 3,971 यूनिट रही, जिसमें 72% की ग्रोथ और 25% का मार्केट शेयर (देश में पहला स्थान) है। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (E-3W) की बिक्री 15,792 यूनिट रही, लेकिन इस मामले में महाराष्ट्र दसवें स्थान पर है। सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट को मिलाकर महाराष्ट्र ने 2025 में कुल 266,524 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं। इसके साथ ही यह उत्तर प्रदेश के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन बाजार बन गया।

इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल खरीदने में 8 राज्यों का दबदबा

महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों का इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में साफ तौर पर दबदबा है। इन आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने मिलकर 137,339 यूनिट्स बेचीं, जो देश की कुल ई-पीवी बिक्री का 77% है। दिलचस्प बात यह है कि त्रिपुरा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ इलेक्ट्रिक कार की बिक्री में गिरावट देखी गई।

महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। वहीं, महाराष्ट्र की तेज ग्रोथ ने दूसरे राज्यों के मार्केट शेयर पर असर डाला है। कर्नाटक ने 20,977 यूनिट्स बेचीं (48% ग्रोथ, शेयर घटकर 12% हुआ), केरल ने 19,158 यूनिट्स बेचीं (73% ग्रोथ, शेयर बढ़कर 11% हुआ), और तमिलनाडु ने 15,185 यूनिट्स बेचीं (95% ग्रोथ, शेयर बढ़कर 9% हुआ)।

इन तीन कंपनियों ने सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में बेचीं इलेक्ट्रिक कारें

महाराष्ट्र अब लगभग सभी इलेक्ट्रिक कार और SUV बनाने वाली कंपनियों के लिए एक अहम राज्य बन गया है। टाटा मोटर्स ने महाराष्ट्र में 10,493 यूनिट्स बेचीं, जो कंपनी की कुल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री का 15% है। JSW MG ने 8,573 यूनिट्स बेचीं, जो 124% की सालाना ग्रोथ और 17% मार्केट शेयर को दिखाता है। महिंद्रा ने 6,511 यूनिट्स की बिक्री हासिल की, जिसमें 540% की जबरदस्त सालाना ग्रोथ और 19% का मार्केट शेयर रहा। इसमें BE 6 और XEV 9e की मांग ने एक अहम भूमिका निभाई। आंकड़ों के मुताबिक, इन तीन कंपनियों ने मिलकर महाराष्ट्र में 25,577 इलेक्ट्रिक कारें और SUVs बेचीं।

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