
Petrol Saving Hacks: आजकल हर कोई पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है। चाहे ऑफिस जाना हो या रोजाना के छोटे-मोटे काम, गाड़ी का माइलेज अगर कम हो जाए तो महीने का बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि माइलेज बढ़ाने के लिए इंजन में कोई बड़ा काम कराना पड़ेगा या गाड़ी बदलनी पड़ेगी। लेकिन सच तो यह है कि आपकी गाड़ी कितना तेल पिएगी, यह काफी हद तक आपके गाड़ी चलाने के तरीके (Driving Habits) पर निर्भर करता है। अगर आप भी अपनी कार या बाइक से 1 लीटर में 10 किलोमीटर तक ज्यादा माइलेज निकालना चाहते हैं, तो आज ही अपनी 4 आदतों को बदल लीजिए...
कई लोगों की आदत होती है कि वे कार चलाते समय अपना बायां पैर क्लच पेडल (Clutch) पर टिकाकर रखते हैं या बाइक चलाते वक्त क्लच लिवर पर उंगलियां दबाकर रखते हैं। इसे 'क्लच राइडिंग' कहते हैं। इससे इंजन की ताकत पूरी तरह से पहियों तक नहीं पहुंचती और पेट्रोल बिना वजह फुकता रहता है। साथ ही क्लच प्लेट भी जल्दी खराब हो जाती है। इसलिए गियर बदलने के तुरंत बाद क्लच से अपना हाथ या पैर पूरी तरह हटा लें। कार में डेड पेडल का इस्तेमाल करें।
कम गियर में तेज गाड़ी भगाना या बड़े गियर में धीमी गाड़ी खींचना दोनों ही स्थिति में इंजन पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। जब आप छोटे गियर जैसे 1st या 2nd गियर में एक्सीलेटर बहुत ज्यादा खींचते हैं, तो इंजन बहुत तेजी से पेट्रोल खींचता है। इसलिए बाइक के लिए 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ते ही गियर बदल लें और इकोनॉमी स्पीड (40-50 km/h) पर टॉप गियर में चलाएं। कार के लिए 2000 RPM (इंजन आरपीएम) के आसपास सही समय पर गियर शिफ्ट करना सही माना जाता है।
अक्सर देखा जाता है कि लोग ट्रैफिक लाइट या जाम में 1 से 2 मिनट तक गाड़ी स्टार्ट करके खड़े रहते हैं। इससे नुकसान होता है। आइडलिंग (Idle) स्थिति में बिना एक इंच आगे बढ़े भी आपकी गाड़ी लगातार पेट्रोल पीती रहती है। अगर रेड लाइट 15-20 सेकंड से ज्यादा की है, तो तुरंत चाबी घुमाकर या स्विच ऑफ करके इंजन बंद कर दें। आज की आधुनिक गाड़ियों में 'ऑटो स्टार्ट-स्टॉप' फीचर भी आता है, उसका सही से इस्तेमाल करें।
गाड़ी के टायर में हवा (Tyre Pressure) पर ज्यादातर लोगों का ध्यान नहीं जाता है। अगर आपकी बाइक या कार के टायरों में हवा कम होगी, तो रोड और टायर के बीच घर्षण (Friction) बढ़ जाएगा। इससे इंजन को गाड़ी खींचने के लिए दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है और माइलेज 15 से 20% तक गिर सकता है। ऐसे में हफ्ते में कम से कम एक बार या पेट्रोल भरवाते समय टायरों की हवा (PSI) ज़रूर चेक कराएं। कंपनी द्वारा बताई गई सही हवा ही भरवाएं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए टिप्स और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता (Informational Purposes) के लिए हैं। गाड़ी का माइलेज आपकी गाड़ी के मॉडल, इंजन की स्थिति, सड़क की बनावट, ट्रैफिक और मेंटेनेंस पर भी निर्भर करता है। अपनी कार या बाइक में किसी भी तकनीकी बदलाव या मेंटेनेंस के लिए हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर (Authorized Service Center) या विशेषज्ञ मैकेनिक की सलाह जरूर लें।
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