
Premium Petrol vs Normal Petrol: पेट्रोल पंप पर जाते ही मशीन पर दो तरह के नोजल दिखते हैं, एक नॉर्मल और दूसरा प्रीमियम। सेल्समैन भी अक्सर पूछते हैं, 'सर, नॉर्मल डालें या पावर?' कई लोग सोचते हैं कि महंगा वाला तेल डालने से गाड़ी गोली की तरह भागेगी, जबकि कुछ इसे सिर्फ पैसे की बर्बादी मानते हैं। आज 20 मार्च को तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.35 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं, जिससे यह नॉर्मल पेट्रोल से करीब 10-12 रुपए महंगा हो गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपकी गाड़ी के लिए प्रीमियम पेट्रोल जरूरी है? क्या सच में महंगा पेट्रोल डलवाना चाहिए और यह नॉर्मल पेट्रोल से कैसे अलग है?
इसे एक उदाहरण से समझें। नॉर्मल पेट्रोल आपकी गाड़ी के लिए 'दाल-चावल' है, जो उसे चलाने के लिए जरूरी ऊर्जा देता है। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल एक तरह का 'हेल्थ ड्रिंक' है, जिसमें कुछ खास चीजें (जिन्हें एडिटिव्स कहते हैं) मिली होती हैं। ये चीजें आपके इंजन के अंदरूनी हिस्सों को साफ रखती हैं और कार्बन जमने नहीं देतीं। लेकिन सबसे बड़ा फर्क ऑक्टेन नंबर (Octane Number) का है। नॉर्मल पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 91 होता है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 95 या 97 होता है।
ऑक्टेन नंबर जितना ज्यादा होगा, पेट्रोल इंजन के अंदर उतने ही सही समय पर जलेगा। अगर ऑक्टेन कम है, तो पेट्रोल समय से पहले जल सकता है, जिससे इंजन से खड़-खड़ की आवाज (नॉकिंग) आने लगती है। यह आवाज इंजन के लिए बहुत खतरनाक होती है।
नॉर्मल कार या बाइक (100cc-1500cc)
यह पूरी तरह आपकी गाड़ी के इंजन पर निर्भर करता है। अगर आपके पास एक्टिवा, स्प्लेंडर, ऑल्टो या स्विफ्ट जैसी नॉर्मल गाड़ियां हैं, तो आपको प्रीमियम पेट्रोल की कोई जरूरत नहीं है। नॉर्मल 91 ऑक्टेन पेट्रोल इनके लिए एकदम परफेक्ट है। महंगा तेल डलवाने से आपको न तो ज्यादा माइलेज मिलेगा और न ही ज्यादा पिकअप। यह सिर्फ पैसे की बर्बादी होगी।
लग्जरी या स्पोर्ट्स कार-बाइक
अगर आपके पास BMW, मर्सडीज या कोई हाई-परफॉरमेंस बाइक है, तो आपको सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल ही डालना चाहिए। इन गाड़ियों के इंजन बहुत पावरफुल होते हैं और उन्हें सही से काम करने के लिए 95 ऑक्टेन फ्यूल की जरूरत होती है।
अपनी गाड़ी के 'ओनर्स मैनुअल' (किताब) को चेक करें या फ्यूल टैंक के ढक्कन के अंदर देखें। अगर वहां 'Recommended: 95 Octane' लिखा है, तो प्रीमियम ही डलवाएं, अगर ऐसा नहीं है, तो यह आपकी गाड़ी के लिए जरूरी नहीं है।
भले ही आपकी गाड़ी नॉर्मल हो, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हर 3-4 हजार किलोमीटर के बाद एक बार पूरा टैंक प्रीमियम पेट्रोल से भरवाना फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि प्रीमियम पेट्रोल में मिले क्लीनिंग एजेंट इंजन के फ्यूल इंजेक्टर और वाल्व पर जमी कार्बन की परत को साफ कर देते हैं। इससे इंजन स्मूथ चलता है और माइलेज में भी हल्का सुधार हो सकता है। यह आपकी पुरानी गाड़ी के इंजन के लिए एक तरह की 'सर्विसिंग' जैसा काम करता है।
इसे भी पढ़ें- Premium Petrol Price Hike: प्रीमियम पेट्रोल हुआ महंगा, जानें आपके शहर का ताजा रेट
इसे भी पढ़ें- ईरान-इजरायल जंग का एक और झटका! प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 महंगा, क्या अब नॉर्मल की बारी?
नई कार, बाइक, EV लॉन्च, कीमत, माइलेज और फीचर्स की जानकारी अब सरल भाषा में पाएं। ऑटो इंडस्ट्री ट्रेंड्स, टेस्ट ड्राइव रिव्यू और खरीद गाइड्स के लिए Auto News in Hindi सेक्शन पर जाएं। ऑटोमोबाइल दुनिया की हर बड़ी अपडेट — पहले और भरोसे के साथ।