
Car Maintenance Tips: गाड़ी चलाते समय ज़्यादातर लोग इंजन ऑयल की हालत पर ध्यान नहीं देते। कई बार वे अंजाने में नकली या घटिया क्वालिटी का तेल इस्तेमाल कर लेते हैं, जो धीरे-धीरे इंजन की परफॉर्मेंस को खराब कर देता है। आजकल बाजार में ऐसे नकली इंजन ऑयल भी मौजूद हैं, जिनमें ज़रूरी केमिकल और एडिटिव्स नहीं होते। इससे इंजन को सही सुरक्षा नहीं मिलती और भविष्य में बड़ा खर्चा आ सकता है। खराब तेल से इंजन में घिसाव बढ़ता है, माइलेज कम होता है और कुछ मामलों में तो इंजन सीज़ भी हो सकता है। इसलिए, यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आपकी कार का इंजन ऑयल सही है या नहीं।
इंजन ऑयल की क्वालिटी जांचने का सबसे आसान तरीका उसका रंग और गाढ़ापन देखना है। नया और अच्छा तेल आमतौर पर हल्के सुनहरे या एम्बर रंग का होता है और पारदर्शी दिखता है। अगर तेल बहुत ज़्यादा गहरा, गाढ़ा या उसमें गंदगी के कण दिख रहे हैं, तो यह खराब होने का संकेत है। कभी-कभी, नकली तेल बहुत पतला या पानी जैसा भी हो सकता है। अगर इसमें से जलने जैसी गंध आ रही है, तो यह भी खराब क्वालिटी की निशानी है।
नकली इंजन ऑयल को उसकी पैकेजिंग से भी पहचाना जा सकता है। असली प्रोडक्ट्स की पैकिंग साफ़-सुथरी और प्रोफेशनल होती है। बोतल पर अगर प्रिंट धुंधला हो, लिखावट में गलती हो या स्पेलिंग मिस्टेक हो, तो सावधान हो जाएं। कई कंपनियां अब QR कोड और बैच नंबर भी देती हैं, जिन्हें स्कैन करके तेल के असली होने की जांच की जा सकती है। अगर सील टूटी हुई है या ढक्कन ढीला महसूस हो, तो ऐसा तेल बिल्कुल न खरीदें।
अगर आपकी कार पहले की तरह स्मूथ नहीं चल रही है, तो यह भी खराब तेल का एक लक्षण हो सकता है। इंजन से खटखट की आवाज़ आना, कोई अजीब शोर सुनाई देना, गाड़ी का ज़्यादा गर्म होना या फिर माइलेज में अचानक गिरावट आना, ये सब इसके लक्षण हैं। खराब तेल सही लुब्रिकेशन नहीं दे पाता, जिससे इंजन पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। इससे गाड़ी का पिकअप कम हो सकता है और यह रास्ते में बंद भी पड़ सकती है।
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