लॉक डाउन; बिहार में 20 अप्रैल से इन 27 जिलों को मिल सकती है राहत, लेकिन ये बड़ा काम करना जरूरी

Published : Apr 14, 2020, 02:46 PM ISTUpdated : Apr 14, 2020, 02:57 PM IST
लॉक डाउन; बिहार में 20 अप्रैल से इन 27 जिलों को मिल सकती है राहत, लेकिन ये बड़ा काम करना जरूरी

सार

बीते 26 दिनों में कोरोना वायरस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार बार देश को संबोधित किया। आज 25 मिनट तक दिए अपने भाषण में पीएम ने 3 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से कुछ जिलों में शर्त के साथ छुट दी जा सकती है। पीएम की घोषणा के अनुसार बिहार में कई ऐसे जिले हैं, जहां 20 अप्रैल के बाद राहत दिए जाने की उम्मीद बंधती है।   

पटना। कोरोना से उपजे हालात पर राष्ट्र के नाम अपने चौथे संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में कोरोना ने अबतक अपना पांव नहीं पसारा है, वहां 20 अप्रैल के बाद कुछ राहत दी जा सकती है। हालांकि ये छूट शर्त के साथ होगी।

कोरोना का कोई भी मरीज मिलने पर यह छूट समाप्त हो जाएगी। पीएम की घोषणा के अनुसार बिहार के कई जिलों में 20 अप्रैल से राहत की उम्मीद बंधती है। बता दें कि बिहार में अबतक कोरोना के कुल 66 मरीज मिले हैं। जो बिहार के कुल 38 जिलों में से 11 जिले से हैं। राज्य के 27 जिलों में कोरोना का अबतक कोई मामला सामने नहीं आया है। 

कोरोना को नहीं पांव पसारने का कोई मौका
ऐसे में यदि अगले 20 अप्रैल तक राज्य के इन जिलों में कोरोना का कोई मामला नहीं आता है तो संभव है कि राज्य के इन 27 जिलों में लॉकडाउन में कुछ रियायत दी जाए। लेकिन इसके लिए यह जरूरी होगा कि राज्य के ये 27 जिले अगले छह दिनों तक और रियायत की घोषणा के बाद भी अपने यहां कोरोना को पांव पसारने का कोई मौका नहीं दे।

राज्य में कोरोना के अबतक मिले 66 मरीजों में सर्वाधिक सीवान में मिले है। जो इस समय राज्य में कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुका है। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां भी कोरोना पर लगाम लग रहा है। बीते दो दिनों में सीवान से कोई नया कोरोना मरीज सामने नहीं आया है। साथ ही इस जिले से कोरोना के छह मरीज फिट होकर घर लौट चुके हैं। ऐसे में अब यहां 23 मरीज है। जिनका अभी इलाज चल रहा है।   
 
मुंगेर, पटना व कई जिलों के मरीज फिट हो लौटे घर

बिहार में कोरोना का पहला मरीज मुंगेर से 22 मार्च को सामने आया था। जिसके बाद वहां से छह और कोरोना मरीज मिले थे। लेकिन राहत की बात यह है कि अब यह जिला कोरोना फ्री घोषित हो चुका है। मुंगेर के छह मरीज कोरोना को मात देकर घर लौट चुके हैं। ऐसा ही हाल राजधानी पटना का है। पटना से कोरोना के पांच मामले सामने आए थे। जो अब फिट होकर घर लौट चुके हैं। भागलपुर, लखीसराय, सहरसा जैसे जिलों से मिले कोरोना के मरीज भी फिट होकर घर लौट चुके हैं। 

ये हैं बिहार के वो 27 जिले जहां मिल सकती है राहत
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और आरा। ये बिहार के वो जिले हैं, जहां अबतक कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है, या मरीज अब फिट होकर घर लौट चुके हैं। ऐसे में यदि ये जिले अगले छह जिलों तक कोरोना को पांव पसारने का मौका नहीं देते है तो यहां की सीमा सील करते हुए स्थानीय कारोबार करने की रियायत दी जा सकती है। 

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