
आजकल बहुत सी भारतीय लड़कियाँ और महिलाएँ पीसीओडी और पीसीओएस से परेशान हैं। कभी पीरियड्स टाइम पर नहीं आते, कभी बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होती है, चेहरे पर पिंपल्स निकल आते हैं, वजन बढ़ जाता है और बाल भी झड़ने लगते हैं। ऐसे में दिल घबराता है और लगता है कि ज़िंदगी भर दवाई खानी पड़ेगी। लेकिन सही इलाज और सही जानकारी के साथ इस समस्या को जड़ से कंट्रोल किया जा सकता है, दबाना ही नहीं, धीरे–धीरे ठीक करने की कोशिश की जा सकती है।
बहुत लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि इनमें हल्का सा फर्क होता है।
दोनों ही हालात में शरीर के अंदर हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है, इसीलिए इलाज ऐसा होना चाहिए जो अंदर से बैलेंस को ठीक करे, सिर्फ़ ऊपर–ऊपर से नहीं।
अगर नीचे दिए गए लक्षण बार–बार दिख रहे हों, तो ये पीसीओडी या पीसीओएस का इशारा हो सकते हैं:
ऐसे समय पर इसे “बस स्ट्रेस होगा” कहकर टाल देना ठीक नहीं है। जितनी जल्दी समझेंगे, उतनी जल्दी कंट्रोल में लाया जा सकता है।
बहुत सारी ऑलोपैथिक दवाएँ तुरंत असर दिखाती हैं, लेकिन अक्सर उनमें हार्मोनल पिल्स, स्टेरॉइड या ऐसी दवाएँ होती हैं जिन्हें लंबे समय तक लेना मुश्किल हो जाता है। दवा बंद करने पर कई महिलाओं को लगता है कि सारी दिक्कतें वापस लौट आईं।
पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज के लिए होम्योपैथी दवा की खासियत यह है कि यह शरीर के अपने नेचुरल सिस्टम के साथ काम करती है। होम्योपैथी में:
इससे धीरे-धीरे पीरियड्स नियमित हो सकते हैं, पिंपल्स और अनचाहे बाल कम हो सकते हैं और शरीर थोड़ा हल्का व एनर्जी से भरा महसूस करने लगता है।
पीसीओएस में कई महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता बाल झड़ना होता है। हार्मोन बिगड़ने से एक पुरुष हार्मोन DHT बढ़ जाता है, जो हेयर फॉलिकल को कमजोर कर देता है। इससे सिर के ऊपर से बाल पतले होना, बीच से स्कैल्प दिखना और बहुत ज़्यादा हेयर फॉल होना शुरू हो सकता है।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होम्योपैथी दवा इस जगह मदद कर सकती है, क्योंकि:
होम्योपैथी के साथ अगर आयरन, प्रोटीन, और ज़िंक जैसे न्यूट्रिएंट्स का ध्यान रखा जाए, तो बालों की क्वॉलिटी भी बेहतर हो सकती है।
दवा के साथ-साथ रोजमर्रा की आदतें बदलना बहुत ज़रूरी है, वरना असर अधूरा रह जाता है।
ये सब चीज़ें होम्योपैथिक इलाज के साथ मिलकर पीसीओडी–पीसीओएस को कंट्रोल करने में बहुत मदद करती हैं।
नीचे की स्थितियों में इंतज़ार न करके तुरंत किसी अच्छे होम्योपैथिक डॉक्टर या गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलना ज़रूरी है:
समय पर शुरू की गई पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज के लिए होम्योपैथी दवा और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, होम्योपैथी दवा आपके शरीर को अंदर से ठीक करने का मौका देती है। धैर्य, सही डाक्टर और थोड़े लाइफस्टाइल बदलाव के साथ, पीसीओडी और पीसीओएस को कंट्रोल करना बिल्कुल संभव है।