
8th Pay Commission Latest News: अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या आपकी फैमिली में कोई सरकारी नौकरी में है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की देखरेख में चल रहा 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) सिर्फ सैलरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकारी आदेश (Gazette Notification) में कुछ ऐसे नियम और शर्तें छिपी हैं, जो आपकी इन हैंड सैलरी, भत्तों और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों का पूरा कैलकुलेशन बदल देंगी। आइए जानते हैं सरकार बैकग्राउंड में क्या बड़ी तैयारियां कर रही है...
कर्मचारियों को बेसिक सैलरी के अलावा कई तरह के भत्ते मिलते हैं। नए नियमों के मुताबिक, वेतन आयोग इन सभी भत्तों (Allowances) की समीक्षा कर रहा है। हो सकता है कि कई पुराने भत्तों को आपस में मिला (Merge) दिया जाए या कुछ को हटाकर नियम आसान बना दिए जाएं, जिससे हर महीने मिलने वाला पैसा सीधे तौर पर प्रभावित होगा।
यह एक बड़ा और अनोखा बदलाव है। सरकार यह देख रही है कि प्राइवेट कंपनियों और पब्लिक सेक्टर की बड़ी कंपनियों में इस समय क्या सैलरी स्ट्रक्चर और काम के हालात हैं। मकसद यह है कि सरकारी नौकरियों में भी ऐसा पैकेज दिया जा सके जिससे देश का सबसे अच्छा टैलेंट सरकार के साथ काम करने के लिए आकर्षित हो सके।
अब सिर्फ साल पूरा होने पर मिलने वाले इंक्रीमेंट के भरोसे रहने के दिन बदल सकते हैं। वेतन आयोग एक ऐसा नया फ्रेमवर्क तैयार करने की कोशिश में है, जहां बेहतर काम करने वाले, ज्यादा प्रोडक्टिविटी दिखाने वाले कर्मचारियों को एक्स्ट्रा इंसेंटिव या बोनस (Performance Linked Bonus) मिल सके। यानी जो अच्छा काम करेगा, उसकी जेब में ज्यादा पैसे आएंगे।
रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों को लेकर कर्मचारी हमेशा फिक्रमंद रहते हैं। आयोग इस बार नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी के नियमों की बारीकी से जांच कर रहा है। जो कर्मचारी NPS के दायरे में नहीं आते, उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी को लेकर भी बड़े सुधारों की उम्मीद है।
आठवें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने (मई-जून 2027 तक) का समय मिला है। लेकिन सरकारी नियमों के अनुसार, अगर आयोग चाहे तो फाइनल रिपोर्ट से पहले किसी खास मुद्दे पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) सरकार को दे सकता है। इससे सरकार को कुछ फैसले समय से पहले लागू करने की छूट मिल जाएगी।
आठवें वेतन आयोग के आने से आपके मकान किराये भत्ते (HRA) में बड़ा उछाल आने वाला है। अगर सरकार HRA की मौजूदा दरों 30%, 20% और 10% में कोई बदलाव नहीं भी करती है, तो भी आपकी जेब में आने वाला HRA बढ़ जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि HRA हमेशा आपकी बेसिक पे (Basic Pay) के प्रतिशत के आधार पर निकाला जाता है। जब बेसिक सैलरी बढ़ेगी, तो HRA खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा। कर्मचारी यूनियनें इस समय X, Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए मौजूदा HRA को नाकाफी बता रही हैं और इसे बढ़ाकर 36%, 24%, 12% या फिर 40%, 35% और 30% करने की मांग कर रही हैं।
आठवें वेतन आयोग को काम शुरू किए 8 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। अब इसके पास अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 10 महीने से भी कम का समय बचा है। काम में तेजी लाते हुए आयोग ने हाल ही में भुवनेश्वर (6-7 जुलाई) और कोलकाता (9-10 जुलाई 2026) में कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों के साथ आमने-सामने बैठकें की हैं और उनके सुझाव दर्ज किए हैं। हालांकि, 13 जुलाई 2026 तक आयोग ने सैलरी हाइक या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जब भी यह लागू होगा, इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जा सकता है।
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