
8th CPC Latest Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस समय जबरदस्त हलचल है। देश के करीब 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी (50 लाख एक्टिव कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स) सिर्फ एक ही बात जानना चाहते हैं कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी? इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कुछ ऐसी मांगें रख दी हैं, जो अगर मान ली गईं, तो कर्मचारियों की लॉटरी लग जाएगी। आइए जानते हैं वो 3 सबसे बड़े ट्विस्ट जो नए वेतन आयोग में आपके लिए बड़े काम की है और अभी क्या चल रहा है...
अभी केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने जो मांग रखी है, उसने सबको चौंका दिया है। जेसीएम और डिफेंस फेडरेशन का कहना है कि महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर सीधे ₹69,000 किया जाए। महाराष्ट्र के एक संगठन ने इसे ₹65,000 करने की बात कही है। वहीं, रेलवे टेक्निकल एसोसिएशन (IRTSA) का सुझाव है कि इसे कम से कम ₹52,600 तो किया ही जाए। अगर सरकार इनमें से बीच का रास्ता भी निकालती है, तो आपकी बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है।
महंगाई भत्ता यानी DA को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए DA का कैलकुलेशन और बढ़ोतरी का तरीका बदला जाना चाहिए। कुछ पक्षों ने यह भी सुझाव दिया है कि एक तय स्तर के बाद DA को बेसिक सैलरी में जोड़ने पर विचार किया जाए। यही वजह है कि कर्मचारी DA से जुड़े फैसलों पर भी खास नजर बनाए हुए हैं।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में से एक माना जा रहा है। यही वह फार्मूला होता है जिसके आधार पर पुरानी बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। इस बार रेलवे के टेक्निकल और सेफ्टी स्टाफ के लिए अलग से मांग उठ रही है। संगठनों का कहना है कि जिम्मेदारी के हिसाब से फिटमेंट फैक्टर को अलग-अलग स्तर पर 2.92, 3.50 और 3.80 तय किया जाना चाहिए। अगर इस पर पॉजिटिव फैसला आता है तो वेतन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल आयोग अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स से बातचीत कर रहा है। उनकी राय, सुझाव और मांगों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पक्षों को ध्यान में रखा जा सके। आने वाले दिनों में कई अहम बैठकें होनी तय हैं, जहां कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
मौजूदा स्थिति को देखें तो आयोग की अंतिम सिफारिशें 2027 तक आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नई सैलरी उसी समय से मिलने लगेगी। पहले के वेतन आयोगों का रिकॉर्ड बताता है कि सिफारिशों को लागू होने में अतिरिक्त समय भी लग सकता है। यानी कर्मचारियों को अभी थोड़ा इंतजार और करना पड़ सकता है।
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