
नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को एयरटेल-मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए सीबीआई और ईडी को चार मई तक का वक्त दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ को बताया कि इस मामले में चार देशों को अनुरोध पत्र भेजे गए हैं, अब उनके जवाब का इंतजार है।
जांच एजेंसी के अनुरोध पर अनुरोध पत्र अदालतें जारी करती हैं। यह तब जारी किए जाते हैं जब जांच एजेंसी को किसी दूसरे देश से किसी सूचना की आवश्यकता होती है।
28 जनवरी को फिर से सुनवाई शुरू की
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर एयरसेल-मैक्सिस मामले पर अदालत ने 28 जनवरी को फिर से सुनवाई शुरू की। अदालत ने पिछले वर्ष पांच सितंबर को इस मामले की सुनवाई की कोई तारीख तय नहीं की थी और इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल कर दिया था। अदालत ने कहा था कि दोनों जांच एजेंसियां बार-बार स्थगन की मांग कर रही हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कार्ति चिदंबरम को 2006 में एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए विदेश निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी कैसे मिली। उस वक्त उनके पिता पी.चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। सीबीआई और ईडी का आरोप है कि संप्रग सरकार के वक्त वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाते हुए इस सौदे को मंजूरी दी और उसके बदले में घूस ली।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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