
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरामको ने कहा है कि वह भारत जैसे उच्च वृद्धि वाले देशों में अपना निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल से लेकर रसायन के 75 अरब डालर के कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है।
अरामको ने अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि वह उच्च वृद्धि वाले बाजारों के साथ ही उन देशों में निवेश के अवसरों की तलाश कर रही है जो कच्चे तेल के आयात पर निर्भर हैं।
भारत कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
भारत दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होने वाला ऊर्जा बाजार है, जहां ईंधन की खपत सालाना चार-पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। यह अपनी 83 प्रतिशत तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। सऊदी अरब भारत का कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘सऊदी अरामको चीन, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया सहित उच्च वृद्धि वाले क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके अलावा कंपनी निवेश के लिए अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर भी फोकस कर रही है।’’
रिलायंस में हिस्सेदारी खरीदने की चल रही बात
भारत के अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में अपने तेल से लेकर रसायन के व्यवसाय में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी को बेचने के लिये शुरुआती घोषणा की थी। इसके अलावा ईंधन के खुदरा व्यवसाय में ब्रिटेन की बीपी पीएलसी में 7,000 करोड़ रुपये में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची गई है।
मोर्गन स्टेनली ने 19 मार्च के अपने शोध नोट में कहा है कि अरामको ने कंफ्रेंस कॉल में कहा है कि वह अभी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के कारोबार में संभावित निवेश की जांच परख कर रहा है। इसमें कहा गया है, ‘‘एक बार मूल्यांकन पूरा हो जाने पर यह प्रस्ताव मंजूरी प्रक्रिया के अगले स्तर पर पहुंच जायेगा।’’
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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