
बिजनेस डेस्कः आपके साथ ऐसा कई बार हुआ होगा कि आप किसी एटीएम से पैसे निकालने गए लेकिन किसी खराबी की वजह से पैसे निकले नहीं और आपके खाते से कट गए। ऐसे में कस्टमर परेशान हो जाता है और उसके पास सिर्फ पैसा वापस आने के इंतजार के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं होता। हालांकि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि अगर कस्टमर के साथ ऐसा होता है तो आरबीआई ने इसके लिए भी एक नियम बनाया है। इसकी मदद से आप पैसा वापस आने में हुई देरी पर बैंक से मुआवजा भी ले सकते हैं।
क्या है आरबीआई का नियम
मई 2011 में आरबीआई की ओर से जारी किए गए निर्देश के मुताबिक, अगर किसी कस्टमर के खाते से ट्रांजेक्शन के वक्त पैसा कटता है तो शिकायत मिलने के सात कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर बैंक को उस कस्टमर के खाते में पैसे लौटाने होंगे। पहले यह अवधि 12 दिन थी। अगर बैंक 7 दिनों में पैसा वापस नहीं करता तो उसे उस दिन के बाद से जब तक खाते में पैसा नहीं आ जाता, तब तक रोजाना 100 रुपए के हिसाब से हर्जाना देना होगा।
ऐसे कर सकते हैं शिकायत
बैंक से पेनल्टी पाने के लिए आपको ट्रांजेक्शन फेल होने के बाद 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करानी होगी। आप ट्रांजेक्शन पर्ची या अकाउंट स्टेटमेंट के साथ बैंक में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक के कर्मचारी को अपने एटीएम कार्ड की डिटेल्स भी बतानी होगी। हालांकि इसमें पिन नहीं पूछा जाता। अगर 7 दिनों के भीतर पैसा नहीं आता तो एनेक्सचर-5 फॉर्म भरना होगा। आप जिस दिन ये फॉर्म भरेंगे, आपकी पेनल्टी उसी दिन से चालू हो जाएगी।
जुर्माना भी देगी बैंक
आरबीआई के मुताबिक, बैंकों को जुर्माने की रकम ग्राहक के खाते में सीधे डालनी होगी। इसके लिए ग्राहक की ओर से दावा करने की जरूरत नहीं। जिस दिन फेल्ड ट्रांजेक्शन के पैसे बैंक वापस करेगा, उसी दिन उसे जुर्माने की पूरी रकम भी अकाउंट में डालनी होगी।
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