
भारत में केले के फल की जितनी कीमत है, उतनी उसके पत्तों की नहीं। लोग केले के पेड़ से फल की लड़ी निकालकर पेड़ को बेकार समझ लेते हैं। गांवों में या शादी-ब्याह जैसे मौकों पर ही केले के पत्तों को थोड़ी अहमियत मिलती है। ज्यादातर जगहों पर तो इसे कचरे की तरह ही देखा जाता है। लेकिन जिस चीज को हम कचरा समझ रहे हैं, विदेशों में उसकी जबरदस्त मांग है। आप इससे लाखों रुपये कमा सकते हैं।
सिंगापुर, यूएई, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देशों में केले के पत्तों की बहुत ज्यादा मांग है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पर्यावरण के अनुकूल प्रोडक्ट्स का बढ़ता चलन। दुनिया अब प्लास्टिक से दूर जा रही है और पर्यावरण बचाने के लिए कुदरती चीजों का इस्तेमाल कर रही है।
केले के पत्ते पूरी तरह नैचुरल होते हैं और मिट्टी में आसानी से घुल जाते हैं। साथ ही, ये एंटी-बैक्टीरियल भी होते हैं। ये गर्मी और पानी, दोनों को झेल सकते हैं। ये खाने की खुशबू बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं। इसीलिए पैकेजिंग के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
रेस्टोरेंट्स, कैटरिंग कंपनियां, मंदिर और रेडी-टू-ईट मील्स की पैकेजिंग में केले के पत्तों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े केला उत्पादकों में से एक है। तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर केले की खेती होती है।
भारत में जिस केले के पत्ते को कच्चा माल समझकर फेंक दिया जाता है, उसे बेचकर आप लाखों रुपये कमा सकते हैं। इस बिजनेस के लिए पचास हजार से डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश की जरूरत पड़ सकती है। आपको पत्ते काटने के उपकरण, धोने और सुखाने की मशीन और अच्छी पैकेजिंग का सामान चाहिए होगा।
बाजार में कच्चे केले के पत्ते करीब 20 से 60 रुपये प्रति किलो बिकते हैं। वहीं, प्रोसेस किए गए एक्सपोर्ट क्वालिटी के पत्ते 80 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकते हैं। अगर आपको सही खरीदार मिल जाएं, तो आप हर महीने 25 हजार से 2 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।
आप स्थानीय किसानों से पत्ते इकट्ठा करके, उन्हें साफ करके, प्रोसेस करके और नमी-रोधक पैकेजिंग में पैक कर सकते हैं। इसके बाद इंडिया मार्ट, अलीबाबा और ट्रेडइंडिया जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए इन्हें बेच सकते हैं। हालांकि, कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले पूरी जानकारी और ज्ञान होना जरूरी है। आपको एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों को भी ठीक से समझना होगा।
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