Blinkit-Instamart या गली का ठेलेवाला? कौन है सबसे ज्यादा सस्ता, इस रिपोर्ट में जानिए...

Published : Apr 21, 2026, 12:43 PM IST
Blinkit-Instamart या गली का ठेलेवाला? कौन है सबसे ज्यादा सस्ता, इस रिपोर्ट में जानिए...

सार

एक तुलना में पाया गया कि क्विक कॉमर्स ऐप्स स्थानीय ठेलेवालों से महंगे हैं। समान सब्जियों का बिल ठेले पर ₹280, स्विगी पर ₹333 और ब्लिंकिट पर ₹365 आया। ऐप्स पर सुविधा, डिलीवरी और अन्य शुल्कों के कारण कीमतें बढ़ जाती हैं।

बेंगलुरु, मुंबई या गुड़गांव जैसे बड़े शहरों में 10 मिनट में घर पर राशन पहुंचाने वाले 'क्विक कॉमर्स' ऐप्स ने हमारी ज़िंदगी को बहुत आसान बना दिया है। भागदौड़ भरी ज़िंदगी में ये किसी वरदान से कम नहीं लगते। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस सुविधा के नाम पर हमारी जेब कट रही है? गुड़गांव की महक अख्तर नाम की एक महिला ने एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस बहस को और तेज़ कर दिया है।

वायरल हुई कीमतों की तुलना और उसके नतीजे

महक ने रोज़ इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की एक लिस्ट बनाई। फिर उन्होंने इन सब्जियों की कीमत तीन जगहों पर पता की - गली का ठेलेवाला, स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) और ब्लिंकिट (Blinkit)। इस एक्सपेरिमेंट के जो नतीजे आए, वो हर किसी को अपने महीने के बजट के बारे में सोचने पर मजबूर कर देंगे:

लोकल ठेलेवाला
गली के सब्जीवाले भैया से जब ये सारा सामान खरीदा गया, तो बिल सिर्फ 280 रुपये आया। और तो और, जैसा कि भारत में अक्सर होता है, सब्जीवाले ने धनिया और हरी मिर्च मुफ्त में दे दी।

स्विगी इंस्टामार्ट
उसी लिस्ट के लिए इंस्टामार्ट पर बिल 333 रुपये बना। यानी, लोकल ठेलेवाले से करीब 53 रुपये ज़्यादा।

ब्लिंकिट
इस रेस में ब्लिंकिट सबसे महंगा साबित हुआ। यहां कुल बिल 365 रुपये तक पहुंच गया। लोकल ठेलेवाले और ब्लिंकिट की कीमत में करीब 85 रुपये का भारी अंतर था।

हमारा ज़्यादा पैसा आखिर जा कहां रहा है?
ऑनलाइन ऐप्स पर हम सिर्फ सामान की कीमत नहीं देते। इसके साथ-साथ सुंदर पैकेजिंग का चार्ज, डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म फीस और बारिश होने या डिमांड बढ़ने पर लगने वाला 'सर्ज चार्ज' भी बिल को बढ़ा देता है। एक और बड़ी बात यह है कि ऐप्स पर हमें 100 ग्राम या 250 ग्राम जैसे तय पैकेट ही खरीदने पड़ते हैं। जबकि लोकल ठेलेवाले से हम अपनी ज़रूरत के हिसाब से (जैसे सिर्फ 10 रुपये का अदरक या 20 रुपये के नींबू) खरीद सकते हैं और मोलभाव करने की भी पूरी आज़ादी होती है।

पैसे बचाने के लिए अपनाएं ये 'स्मार्ट' तरीके

लोकल मार्केट को दें प्राथमिकता
हफ्ते में थोड़ा समय निकालकर पास के ठेलेवाले या सब्जी मंडी से खरीदारी करें। इससे आप महीने के बजट में 20% से 30% तक की बचत कर सकते हैं और छोटे दुकानदारों की भी मदद होती है।

हाइब्रिड तरीका अपनाएं
जब बहुत ज़रूरी हो, घर पर काम का दबाव ज़्यादा हो या फिर चावल, आटे की बोरी और तेल जैसे भारी सामान मंगाने हों, तब ही ऐप्स का इस्तेमाल करना समझदारी है।

सुविधा की कीमत को समझें
याद रखें, 10 मिनट में घर के दरवाज़े पर सामान पाने की एक कीमत होती है। अगर आप रोज़ छोटी-छोटी चीज़ों के लिए भी ऐप्स पर निर्भर रहेंगे, तो साल के अंत में आप पाएंगे कि आपने हज़ारों रुपये सिर्फ सुविधा के लिए खर्च कर दिए।

कुल मिलाकर, ताज़ी सब्जियों के लिए पास के ठेलेवाले के पास जाना जेब और सेहत, दोनों के लिए फायदेमंद है। समय और पैसे के बीच यही संतुलन आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को दुरुस्त रखेगा।

PREV

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

एक से ज्यादा लोन और EMI के जाल में फंस गए हैं? अपनाएं ये 3 तरीके, खत्म होगा कर्ज का सिरदर्द!
Adani Green से 20 गुना सस्ता Suzlon, लेकिन ROE में 10 गुना आगे, जानें किस शेयर में बनेगा ज्यादा पैसा?