
बिजनेस डेस्क। देश के करीब 8 करोड़ व्यापारियों का संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) एक ई-कॉमर्स पोर्टल (E-commerce Portal) लॉन्च करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह ई-कॉमर्स पोर्टल दुनिया के सबसे बड़े ई-कॉमर्स पोर्टल Alibaba को भी पीछे छोड़ सकता है। अलीबाबा (Alibaba) चीन के अरबपति जैक मा का ई-कॉमर्स पोर्टल है। बता दैं कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स लंबे समय से भारत में अमेजन (Amazon) और दूसरे विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का विरोध करता रहा है। अब यह ऑर्गनाइजेशन अपना ई-कॉमर्स पोर्टल 11 मार्च को लॉन्च करने जा रहा है।
क्या कहना है कैट का
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का कहना है कि ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी पिछले वर्ष से ही चल रही थी। नवंबर 2020 में इसका लोगो तैयार हो गया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे लॉन्च करने में देर हो गई। कैट का दावा है कि उसका पोर्टल अलीबाबा को जल्द ही पीछे छोड़ देगा। संगठन ने कहा है कि अलीबाबा ने जितने कस्टमर इतने सालों में जोड़े हैं, उससे ज्यादा उसके पास पहले से ही मौजूद हैं।
1 करोड़ व्यापारियों को जोड़ना है लक्ष्य
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि इस बेवसाइट भारत ई-मार्केट (Bharat e- Market) का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2021 तक कम से कम 7 लाख विक्रेताओं को ऑन बोर्ड करना है। इसके अलावा, 31 दिसंबर, 2023 तक एक करोड़ विक्रेताओं को जोड़ कर चीन के अलीबाबा को पीछे छोड़कर इसे दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म बनाना है। प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि चीन के अलीबाबा पोर्टल पर फिलहाल दुनिया के कई देशों के सबसे ज्यादा व्यापारी हैं। यही वजह है कि वह दुनिया का नंबर-1 पोर्टल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ई-मार्केट पर भारतीय कारोबारी होंगे।
व्यापारियों का सबसे बड़ा संगठन है कैट
कैट से फिलहाल व्यापारियों के 40 हजार छोटे-बड़े एसोसिएशन और 8 करोड़ व्यापारी जुड़े हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 7 करोड़ कारोबारियों के यहां करीब 40 से 45 करोड़ लोग काम करते हैं। 8 करोड़ कारोबारी भी एक-दूसरे के ग्राहक हैं। कुल मिलाकर यह आंकड़ा भारत ई कॉमर्स की कामयाबी की वजह बन सकता है। बता दें कि अमेजन से 5 लाख कारोबारी जुड़े हैं, वहीं फ्लिपकार्ट के प्लेटफॉर्म पर 1.5 लाख कारोबारी हैं।
ये खासियत होगी इस पोर्टल की
कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि इस पोर्टल को शुरू करने के पीछे सबसे बड़ा मकसद चाइनीज सामान का बायकॉट करना है। इस पोर्टल पर कोई चाइनीज सामान नहीं बिकेगा। वहीं, एफडीआई या किसी भी तरीके से इस पोर्टल में विदेशी निवेश नहीं होगा। इस पोर्टल में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, डिलिवरी सिस्टम, सामान का क्वालिटी कंट्रोल, डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था की जाएगी।
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