
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में थोड़ी राहत देने के बाद अब सरकार ने खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने की कवायद की है। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने के लिए एक साल में 20-20 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन व सनफ्लावर ऑयल को ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की मंजूरी देदी है। उधर, राजस्थान सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करते हुए राज्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को दो लाख रुपये तक सस्ता करने का ऐलान किया है।
सनफ्लावर व सोयाबीन ऑयल ड्यूटी फ्री
खाद्य तेलों की चढ़ी कीमतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। कारोबारियों को अब सोयाबीन व सनफ्लावर ऑयल को ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दे दी है। अब कारोबारियों को अगले दो साल तक सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी व एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चरल एंड डेवलपमेंट सेस नहीं देना होगा। कारोबारी अब बीस-बीस लाख मीट्रिक टन तेल एक साल में इंपोर्ट कर सकेंगे जिस पर उनको ड्यूटी नहीं देनी होगी।
कारोबारियों को यह छूट केंद्र सरकार ने 25 मई 2022 से 31 मार्च 2024 तक दी है। भारत दुनिया में सबसे अधिक खाद्य तेल आयात करने वाला देश है। देश में जरूरत की 60 फीसदी खाद्य तेलों की आवश्यकताओं की पूर्ति इंपोर्ट से ही होता है। भारत में सबसे अधिक सोयाबीन ऑयल व सनफ्लावर ऑयल को इंपोर्ट किया जाता है।
राज्स्थान में दो लाख तक सस्ता इलेक्ट्रिक कार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने राज्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने प्रपोज्ड वन टाइम कॉन्ट्रिब्यूशन और एसजीएसटी रिफिलिंग के लिए चालीस करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है।
किस गाड़ी पर कितने की छूट
राजस्थान में अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर गाड़ी की खरीद पर पांच से दस हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। जबकि थ्री-व्हीलर की खरीद पर दस से बीस हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। लाइट मोटर व्हीकल यानी कार वगैरह पर पचास हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी तो बस पर दो लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को मोटर व्हीकल टैक्स दायरे से बाहर रखा जाएगा।
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